चिकित्सा विभाग का ऑनलाइन निरीक्षण प्रमुख सचिव एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा चिकित्सा सुविधाओं को पेशेंट सेंट्रिक बनाने पर जोर

 


जयपुर, 3 फरवरी।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में स्वास्थ्य सेवाओं का मिशन मोड में निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया था। इसी क्रम में मंगलवार को प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित अन्य राज्य स्तरीय अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का ऑनलाइन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संस्थान प्रभारियों से संवाद किया।

प्रमुख शासन सचिव ने भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल, जिला अस्पताल नवलगढ़ (झुंझुनूं) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायसिंह नगर (श्रीगंगानगर) का वीडियो कॉल के माध्यम से निरीक्षण किया। उन्होंने दोपहर 12 बजे के बाद वीडियो कॉल कर चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी एवं आईपीडी में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, नि:शुल्क जांच एवं दवा वितरण की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही अस्पतालों में साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की क्रियाशीलता एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संस्थान प्रभारियों, चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी तथा रोगियों से फीडबैक भी प्राप्त किया।

गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार सभी चिकित्सा संस्थानों में पेशेंट सेंट्रिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि अस्पताल आने वाले रोगियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, कैंसर व टीबी स्क्रीनिंग सहित अन्य रोगों की जांच पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। प्रभावी स्क्रीनिंग से स्वास्थ्य मानकों में सुधार होगा और आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग, वैलनेस गतिविधियों सहित सभी सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सामान्य उपचार के लिए लोगों को शहरों की ओर नहीं जाना पड़े और उन्हें घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों और जांच मशीनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। किसी भी जांच उपकरण के खराब होने पर उसकी तुरंत मरम्मत कराई जाए। रोगियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, हेल्प डेस्क, रामाश्रय वार्ड जैसे नवाचारों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक टी. शुभमंगला, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल, निदेशक जनस्वास्थ्य रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक एड्स सुशील परमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी वीडियो कॉल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।

संयुक्त निदेशक सुनील सिंह ने बताया कि झुंझुनूं, बांसवाड़ा, दौसा, नागौर, जयपुर, बीकानेर, खैरथल-तिजारा, चित्तौड़गढ़, डीग, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, गंगानगर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर एवं झालावाड़ जिलों के चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया गया। ऑनलाइन संवाद का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।


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