जयपुर, 3 फरवरी 2026।
विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा कैंसर जागरूकता को लेकर एक विशेष हेल्थ टॉक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को कैंसर की शुरुआती पहचान, समय पर जांच, रोकथाम और आधुनिक उपचार विकल्पों के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर मरीजों, उनके परिजनों सहित शहर के कई नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
हेल्थ टॉक के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा कि कैंसर का समय पर पता चलने से इलाज की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और मरीज की जीवन-गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। डॉक्टरों ने कैंसर के शुरुआती लक्षणों, नियमित स्क्रीनिंग की आवश्यकता, स्वस्थ जीवनशैली, तंबाकू से दूरी और मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट अप्रोच पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कैंसर से जुड़े कई प्रचलित मिथकों को भी दूर किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में मुंह, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, फेफड़े, मस्तिष्क और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। पुरुषों में तंबाकू सेवन के कारण मुंह और फेफड़ों के कैंसर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, जबकि महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर चिंता का विषय बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के चलते कई मामलों का पता देर से चलता है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है।
इस अवसर पर डॉ. दिवेश गोयल, सीनियर कंसल्टेंट – मेडिकल ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा कि राजस्थान में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज (ICD) की रिपोर्ट के अनुसार प्रति एक लाख आबादी पर कैंसर रोगियों की संख्या के मामले में जयपुर राज्य के सबसे अधिक प्रभावित शहरों में शामिल है। विशेष रूप से होंठ, मुंह, ग्रसनी और पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर की व्यापकता अधिक पाई जा रही है।
सर्जिकल उपचार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. नरेश कुमार सोनी, सीनियर कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा कि भारत में लगभग 60 से 70 प्रतिशत कैंसर मरीजों को इलाज के दौरान किसी न किसी स्तर पर सर्जरी की आवश्यकता होती है। यदि कैंसर का पता शुरुआती चरण में चल जाए तो उपचारात्मक सर्जरी की संभावना बढ़ जाती है, जटिलताएं कम होती हैं और रिकवरी बेहतर रहती है। उन्होंने सामुदायिक जागरूकता को समय पर इलाज के लिए बेहद आवश्यक बताया।
हेड एवं नेक कैंसर को लेकर जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र कुमार शर्मा, कंसल्टेंट – ऑन्को सर्जरी (हेड एवं नेक) ने कहा कि दुनिया भर में हेड और नेक कैंसर के कुल मामलों में से लगभग एक-तिहाई भारत में पाए जाते हैं, जिसका प्रमुख कारण तंबाकू सेवन और अस्वस्थ जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, निगलने में परेशानी और आवाज़ में बदलाव जैसे लक्षणों को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। राजस्थान में हेड एवं नेक कैंसर एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जहां यह कुल कैंसर मामलों का 32 प्रतिशत से अधिक है। ओरल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा इसका सबसे आम प्रकार है।
कार्यक्रम का समापन प्रश्न-उत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर ने इस अवसर पर कैंसर जागरूकता, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के माध्यम से व्यापक कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

