राष्ट्रीय माइनिंग सेमिनार में देश-विदेश के विशेषज्ञ एक मंच पर

 


जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय माइनिंग सेमिनार में देश और विदेश के खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ एक मंच पर आए और ‘विजन-2047’ के तहत भारत के खनन क्षेत्र को तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर और सतत बनाने पर व्यापक मंथन किया। यह सम्मेलन युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्योग से जुड़े पेशेवरों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां फील्ड के महारथियों ने युवा प्रतिभाओं के सवालों के जवाब दिए।

कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक गोपाल शर्मा ने शाम 6 बजे होटल क्लार्क आमेर में किया।

सेमिनार का आयोजन Mining Engineers' Association of India (एमईएआई) के जयपुर चैप्टर द्वारा किया गया, जो 15 फरवरी तक आयोजित होगा। ‘विजन-2047: माइनिंग एंड मिनरल्स’ विषय पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार ने जयपुर में खनन क्षेत्र के नए आयाम प्रस्तुत किए।



2047 तक आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम खनन का लक्ष्य

जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष ललित मोहन सोनी ने बताया कि उद्घाटन सत्र में धनंजय रेड्डी (वाइस चेयरमैन), डी.बी. सुंदर रमन (नेशनल प्रेसिडेंट), डॉ. पुखराज नैनीवाल, डॉ. विवेक लोल (सचिव, जयपुर) एवं रजरप्पा (वाइस प्रेसिडेंट) सहित अन्य पदाधिकारियों ने डेलीगेट्स का स्वागत किया।

सम्मेलन में वर्ष 2047 तक भारत के खनन क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से सशक्त, आत्मनिर्भर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी

सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, कनाडा, अफ्रीका एवं यूरोप के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। खनन वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने अपने अनुभव और शोध साझा किए।

सेमिनार में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्मार्ट माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ड्रोन और रोबोटिक्स, सतत एवं नेट-जीरो माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक अन्वेषण तकनीक, ईएसजी अनुपालन तथा स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है।

चैप्टर स्थापना दिवस भी मनाया गया

पहले दिन जयपुर चैप्टर का स्थापना दिवस भी मनाया गया। इस अवसर पर सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

मंच पर सजी राजस्थान की संस्कृति

गंभीर तकनीकी चर्चाओं के बाद शाम को होटल के मंच पर राजस्थान की समृद्ध संस्कृति भी साकार हुई। लोक नृत्य एवं पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अतिथियों ने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का आनंद लिया और कलाकारों की सराहना की।

यह सेमिनार खनन क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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