ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

 


डीडवाना-कुचामन/जयपुर, 06 फरवरी।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीणों के उत्थान के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का सशक्त माध्यम हैं, जहां आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को लाडनूं में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर एवं जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की कि वे ग्राम उत्थान शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसान, गरीब, पशुपालक और जरूरतमंद व्यक्ति किसी भी जनकल्याणकारी योजना से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक गिरदावर सर्किल स्तर पर ग्राम उत्थान शिविरों की शुरुआत की गई है, ताकि ग्रामीणों को घर के नजदीक ही सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने विकसित भारत ग्राम रोजगार कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साल में 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। सभी कार्य डिजिटल रूप से दर्ज होंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और मजदूरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। इससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा।

उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 1500 से अधिक ग्राम उत्थान शिविर आयोजित कर 77 लाख से ज्यादा प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। इन शिविरों में 98 हजार से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं। साथ ही, 30 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन स्वीकार किए गए, 5 लाख 10 हजार पशुधन का उपचार किया गया और 77 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण हुआ है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत करीब 29 हजार पंजीकरण भी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, सोलर पंप, ड्रिप और फव्वारा सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति, प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास आवंटन सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं मौके पर ही प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्षों का कार्य, गत सरकार के पूरे पांच वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नहरी तंत्र के माध्यम से 99 हजार 562 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे पांच वर्षों में 52 हजार 182 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई सुविधा दी। इसी प्रकार, दो वर्षों में 344 लाख मीटर खेतों की तारबंदी की गई, जबकि पिछली सरकार ने पूरे कार्यकाल में 113 लाख मीटर तारबंदी की थी। गौशालाओं को सहायता राशि के मामले में भी वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में 3433 करोड़ रुपये दिए, जो पिछली सरकार के आंकड़ों से कहीं अधिक है।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी, गेहूं पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, ड्रिप और फव्वारा संयंत्र, डिग्गी और फार्म पॉन्ड निर्माण जैसी योजनाओं से किसानों को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उर्वरकों के उपयोग की अपील की।

युवाओं के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के भविष्य पर आघात हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिससे एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और इस वर्ष एक लाख नए पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डीडवाना-कुचामन जिले को 529 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 465 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 59 कार्यों का शिलान्यास तथा लगभग 64 करोड़ रुपये के 12 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इससे पहले उन्होंने ग्राम उत्थान शिविर का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व प्रमाण पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम में राजस्व राज्यमंत्री श्री विजय सिंह चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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