श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में तप कल्याणक सम्पन्न, शनिवार को केवलज्ञान कल्याणक

 


जयपुर/पदमपुरा, 20 फरवरी।

नव निर्मित खड़गासन चौबीसी जिन प्रतिमाओं के पंचकल्याणक एवं पद्मबल्लभ शिखर पर कलश व ध्वजारोहण के पांच दिवसीय भव्य महामहोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को तप कल्याणक की विविध धार्मिक क्रियाएं श्रद्धा व उत्साह के साथ सम्पन्न हुईं।

वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाचार्य आचार्य वर्धमान सागर महाराज, गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी एवं गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अध्यक्ष सुधीर कुमार जैन एवं महामंत्री हेमंत सोगानी ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य पं. हंसमुख जैन धरियावद के निर्देशन में प्रातः 6:30 बजे नित्य महाभिषेक व शांतिधारा के बाद सौधर्म इन्द्र-सुरेन्द्र (मृदुला पाण्डया) के निर्देशन में जिनार्चना की गई। अन्नप्राशन विधि, बाल क्रीड़ा एवं धार्मिक अनुष्ठानों के दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।



धर्मसभा में आचार्य श्री ने कहा कि “भावों की विशुद्धि ही जीवन में उज्ज्वलता लाती है। वैभव कमाने से नहीं, पुण्य के फल से प्राप्त होता है। संयम के साथ जीवन जीने से पाप का खाता बंद हो जाता है।”

सायंकाल भव्य नाटिका “वज्रबाहु का वैराग्य”

सायंकाल महाआरती एवं शास्त्रसभा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें दिगम्बर जैन महिला समिति, जौहरी बाजार की सदस्याओं ने राहुल जैन के निर्देशन में नाटिका “वज्रबाहु का वैराग्य” की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। नाटिका में हास्य प्रसंग से उत्पन्न वैराग्य का मार्मिक चित्रण किया गया। कलाकारों ने मनमोहक अभिनय से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

शनिवार, 21 फरवरी: केवलज्ञान कल्याणक

मीडिया प्रभारी विनोद जैन कोटखावदा के अनुसार शनिवार को केवलज्ञान कल्याणक की विधियां सम्पन्न होंगी।

प्रातः नित्य अभिषेक, शांतिधारा व मंगल प्रवचन

आहार चर्या एवं पंचाश्चर्य दृश्य

विमान शुद्धि कलश यात्रा

वेदी वास्तु पूजा व हवन

दोपहर 2 बजे से केवलज्ञान की पूर्ण विधियां—अधिवासना, मुखोद्घाटन, नयनोन्मीलन, अंजनशलाका, समवशरण रचना आदि

46 दीपों से महाआरती

समवशरण में आचार्य श्री द्वारा दिव्य देशना

सायंकाल रंगशाला नाट्य अकादमी, इन्दौर द्वारा “महानाट्य – भरत का भारत” की प्रस्तुति दी जाएगी।

रविवार, 22 फरवरी: मोक्ष कल्याणक व ध्वजारोहण

रविवार को मोक्ष कल्याणक के साथ पंचदिवसीय महोत्सव का समापन होगा। निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा, विश्व शांति महायज्ञ होगा तथा रथयात्रा निकलेगी। नवीन वेदी में भगवान की प्रतिष्ठा के बाद शिखर पर कलशारोहण व ध्वजारोहण किया जाएगा।

उपाध्यक्ष सुरेश काला एवं महावीर अजमेरा के अनुसार प्रदेश के पहले दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में पहली बार 111 फीट ऊंची धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी।

जिनेश्वरी दीक्षा

रविवार प्रातः 8:30 बजे आचार्य वर्धमान सागर महाराज द्वारा मूर्तिकला कॉलोनी निवासी मुन्नालाल टकसाली को जिनेश्वरी दीक्षा प्रदान की जाएगी। महोत्सव समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया है।


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