जयपुर/चूरू, 20 फरवरी।
स्कूल शिक्षा के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने चूरू जिले के दौरे के दौरान शैक्षिक गुणवत्ता एवं औसत रैंकिंग सुधार पर विशेष फोकस किया। उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) चूरू में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के शैक्षिक परिदृश्य, संस्थागत सुदृढ़ीकरण तथा विद्यालयों में संचालित नवाचारों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने जिले की शैक्षिक उपलब्धियों और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों पर तथ्यपरक चर्चा करते हुए शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वर्कबुक मूल्यांकन की प्रभावी मॉनिटरिंग, संबलन कार्यक्रम की सुदृढ़ व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी के सभी बच्चों का 31 मार्च से पूर्व नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शासन सचिव ने नवाचारों के दस्तावेजीकरण, परिणाम-आधारित मूल्यांकन तथा सफल मॉडलों को राज्य स्तर पर विस्तार योग्य बनाने की रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले की औसत रैंकिंग 31 है, जिसमें सुधार की पर्याप्त संभावना है। अगले माह तक सभी ब्लॉकों को औसत रैंकिंग तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में स्थानीय नवाचार, 3R पहल, कोड चूरू, लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम, सेक्टर समीक्षा मीटिंग पोर्टल और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलों पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही राजस्थान में पहली बार आयोजित EduHack Churu-2026 हैकाथॉन को उल्लेखनीय पहल बताया गया।
विद्यालयों का औचक निरीक्षण
समीक्षा बैठक से पूर्व शासन सचिव ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर डिजिटल लर्निंग, पुस्तकालय व्यवस्था एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संस्था प्रधानों को स्थायी शैक्षिक सुधार एवं औसत रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष महर्षि, डाइट चूरू के प्राचार्य डॉ. गोविंद सिंह राठौड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
