सुबोध पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन



जयपुर 

एस.एस. जैन सुबोध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामबाग सर्किल, जयपुर में ‘‘इंटरफेस बिट्वीन साइंस, सोसायटी एंड एनवायरमेंट : टुवर्ड्स इंक्लूसिव एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ गुरुवार 5 फरवरी 2026 को हुआ।

राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि संजय शर्मा, राज्यमंत्री, वन एवं पर्यावरण संरक्षण तथा विज्ञान एवं तकनीकी विभाग, राजस्थान सरकार ने कहा कि वर्तमान समय के सबसे प्रासंगिक विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। पर्यावरण से ही जीवन संभव है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए हम सभी को निरंतर प्रयास करने होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के अभियान ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकाधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण को हरित और शुद्ध बनाना होगा। स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के लिए जल, पहाड़ और वृक्षों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि विज्ञान का सदुपयोग मानव जाति की भलाई के लिए करें।



उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वी. सरवन कुमार, सचिव, विज्ञान एवं तकनीकी विभाग, राजस्थान सरकार ने कहा कि विज्ञान, पर्यावरण और समाज के बीच संतुलन बनाए रखना समय की मांग है। विकास के लक्ष्य तय करते समय पर्यावरण के अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पवन कुमार उपाध्याय, प्रशासन, प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेशन ऑफ फॉरेस्ट, राजस्थान सरकार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के पेड़ बनने तक उनकी नियमित देखभाल भी आवश्यक है। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण और अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की महत्ता पर जोर दिया।

उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता गौहर रज़ा, प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी अलग-अलग हैं। विज्ञान का उद्देश्य ज्ञान अर्जन है, जबकि प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानव क्षमता का विस्तार करना है। दोनों के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक है।

कार्यक्रम में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के भुवनेश माथुर ने क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी पर प्रकाश डाला और बोर्ड द्वारा संचालित जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।

उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में सुबोध शिक्षा समिति के मानद मंत्री एस.एस. बोथरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए समिति की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को जीवन में निष्ठा, समर्पण और कठोर परिश्रम का संदेश दिया।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रेणु जोशी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि संगोष्ठी का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। विज्ञान अकेले नवाचार नहीं कर सकता, इसके साथ सामाजिक सरोकार और पर्यावरणीय वास्तविकताओं का ध्यान रखना भी आवश्यक है। तभी स्वच्छ, स्वस्थ समाज और विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।

संगोष्ठी की संयोजक डॉ. अनंत विजया सोनी ने बताया कि हाइब्रिड मोड में आयोजित इस संगोष्ठी में 400 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं तथा देशभर से 250 से अधिक शिक्षाविद्, समाजशास्त्री, पर्यावरणविद्, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। संगोष्ठी में चार तकनीकी सत्रों के साथ पैनल डिस्कशन एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. राजेश कुमार यादव ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।

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