राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है।
गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार के इस बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। उनके अनुसार समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली सरकार ने बजट में रिफाइनरी और ईआरसीपी (ERCP) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त 2025 तक करने की घोषणा की गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हर वर्ष 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया था और पिछले दो बजट में भी इस बढ़ोतरी की घोषणा की जाती रही। लेकिन इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि की कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे 90 लाख से अधिक लाभार्थियों में निराशा है।
युवाओं के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि पांच साल में 4 लाख सरकारी नौकरियों की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कम पदों पर भी संविदा आधारित भर्तियों की बात कही गई है, जो युवाओं के हित में नहीं है।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश की जनता इस बजट से ठोस राहत और स्पष्ट दिशा की अपेक्षा कर रही थी, जो पूरी नहीं हुई।
