चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं मरीजों व उनके परिजनों की सुविधा को प्राथमिकता – डॉ. एस.एस. अग्रवाल

 


जयपुर, 11 फरवरी 2026। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट 2026–27 को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि और विकास के पथ पर अग्रसर करने वाला बताते हुए डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने सेवा, समर्पण और सुशासन को प्राथमिकता दी है। उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विकसित राजस्थान 2047 की परिकल्पना के अनुरूप बजट तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि समृद्ध राजस्थान–स्वस्थ राजस्थान के लक्ष्य के अनुरूप स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित प्रस्ताव स्वागत योग्य हैं। बजट में स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के साथ-साथ मानव संसाधन उपलब्धता की स्पष्ट योजना प्रस्तुत की गई है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से टर्शरी केयर हॉस्पिटल, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर सेवाओं में गतिशीलता और पारदर्शिता आएगी, जिससे आमजन का विश्वास और सहभागिता बढ़ेगी।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, 77 वर्ष से अधिक जीवन प्रत्याशा, मातृ मृत्यु दर (MMR) को घटाकर 15 प्रति लाख तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) को 10 प्रति हजार जीवित जन्म से कम करने का लक्ष्य अत्यंत सराहनीय है। साथ ही Rapid Emergency Response System की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

उन्होंने चिकित्सा संस्थानों के अपग्रेडेशन, रिपेयर एवं मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान देने को स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने वाला कदम बताया। Rajasthan System for Urgent Response, Accident Stabilization and Hospital Access योजना की घोषणा को महत्वपूर्ण पहल बताया।

Trauma & Emergency Policy के तहत 150 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा ट्रॉमा सर्जरी और इमरजेंसी मेडिसिन में सुपर स्पेशलिटी कोर्स में सीटें बढ़ाने का निर्णय आपातकालीन सेवाओं को सुलभ बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने Rajasthan Mental Awareness, Monitoring & Treatment for All कार्यक्रम को वर्तमान जीवनशैली और प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक कदम बताया। बच्चों के उपचार हेतु 500 बेड के आईपीडी टॉवर की स्थापना और 500 अतिरिक्त ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में 300 पीजी सीटों की वृद्धि, अग्नि सुरक्षा प्रबंध, आधुनिक मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था तथा क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स के लिए अलग बजट का प्रावधान असाधारण पहल है। मेडिकल कॉलेजों के मुख्य चिकित्सालयों में अत्याधुनिक विश्राम गृह, अटल आरोग्य फूड कोर्ट तथा मोक्ष वाहिनी योजना की घोषणा सरकार की मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।

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