जयपुर, 6 फरवरी।
“जितनी जल्दी आप अपने जीवन की जिम्मेदारी लेंगे, सफलताएं भी आपके कदमों में आकर घुटने टेक देंगी।”
ये उद्गार अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता, सिंहनिष्क्रीडित व्रतधारी अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने शुक्रवार सायंकाल सिद्धार्थ नगर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि दूसरों पर अत्यधिक निर्भर होकर जीवन जीना स्वयं की योग्यता को समाप्त करने जैसा है। सहयोग लेना गलत नहीं है, लेकिन पूरी तरह निर्भर हो जाना मनुष्य को लाचार और असहाय बना देता है। जब हम दूसरों पर निर्भर होते हैं, तो धीरे-धीरे यह आदत बन जाती है और व्यक्ति पंगु हो जाता है। उन्होंने कहा कि भरोसा यदि करना है तो स्वयं पर करें, क्योंकि बने-बनाए रास्तों पर नहरें चलती हैं, नदियाँ नहीं। नदियाँ चट्टानों को चीरकर अपना मार्ग स्वयं बनाती हैं और अंततः सागर से मिलती हैं।
धर्मसभा का समापन जिनवाणी स्तुति के साथ हुआ।
मंगल विहार एवं भव्य अगवानी
इससे पूर्व आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ससंघ ने तारों की कूट स्थित सूर्य नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन किए। दोपहर बाद अग्रवाल फार्म थड़ी मार्केट स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार करते हुए आचार्य ससंघ बी-टू बाइपास स्थित ऋषभ मार्ग पहुंचे, जहां सूर्य नगरवासियों ने बैंड-बाजों के साथ भव्य स्वागत किया।
कोटखावदा हाउस पहुंचने पर पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर आचार्य संघ की अगवानी की गई। इससे पूर्व महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर स्वागत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन इस अवसर पर उपस्थित रहे।
सिद्धार्थ नगर में भव्य मंगल प्रवेश
कोटखावदा हाउस से आचार्य ससंघ सूर्य नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे, जहां दर्शन के पश्चात सिद्धार्थ नगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर महावीर स्वामी खंडकान में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और मंगल आरती कर स्वागत किया।
मंदिर पहुंचने पर पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती के साथ भव्य अगवानी की गई। वातावरण जयकारों से गूंज उठा। इसके पश्चात धर्मसभा, गुरु पूजा एवं सामूहिक प्रतिक्रमण का आयोजन हुआ। सायंकाल गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का संगीतमय आयोजन भी किया गया।
आगामी कार्यक्रम
जयपुर प्रवास समिति के अनुसार शनिवार, 7 फरवरी को प्रातः पूजा-विधान, अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के मंगल प्रवचन होंगे। दोपहर में ईपी सेंट्रल लॉन में हर मास-एक उपवास कार्यक्रम में सानिध्य प्रदान करेंगे।
रविवार, 8 फरवरी को प्रातः आचार्य ससंघ का श्योपुर स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार होगा, जहां दर्शन एवं धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा।

