जयपुर/पदमपुरा, 18 फरवरी।
श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में नव निर्मित खड़गासन चौबीसी जिन प्रतिमाओं के पंचकल्याणक एवं पद्मबल्लभ शिखर पर कलश-ध्वजारोहण के पांच दिवसीय महामहोत्सव का शुभारंभ विशाल घट यात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमानसागर महाराज, गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी एवं गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में “पाषाण से परमात्मा” बनाने की विधि-विधान अनुसार क्रियाएं संपन्न हो रही हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के सहभागी बनने की अपेक्षा है।
गर्भ कल्याणक की विधियां संपन्न
प्रतिष्ठाचार्य पं. हंसमुख जैन (धरियावद) के निर्देशन में मूलनायक भगवान पद्मप्रभ का अभिषेक, शांतिधारा एवं नान्दी मंगल विधान संपन्न हुआ। इसके बाद कीर्ति स्तंभ से विशाल घट यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाएं पीली साड़ी में सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं।
ध्वजारोहण समाजश्रेष्ठी विवेक काला–आशा काला, संजय काला परिवार द्वारा जयकारों के बीच किया गया। मण्डप उद्घाटन दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधांशु–ऋतु कासलीवाल ने किया। भगवान पद्मप्रभ एवं प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्वलन भी हुआ।
धर्मसभा में आचार्य वर्धमानसागर महाराज ने कहा कि तीर्थंकरों के पंचकल्याणक जीवन की परम शुद्ध अवस्थाओं के प्रतीक हैं। गर्भ कल्याणक बीजारोपण के समान है, जिसका फल मोक्ष कल्याणक में मिलता है। संस्कारों का आरंभ गर्भ से होता है, इसलिए माताओं को गर्भावस्था में आध्यात्मिक एवं सकारात्मक वातावरण बनाए रखना चाहिए।
गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि मनुष्य जन्म 84 लाख योनियों में श्रेष्ठ है और पंचकल्याणक कोई नाटक नहीं, बल्कि जिनागम सम्मत विधि-विधान है।
तीर्थंकर बालक की माता की गोद भराई
सीमन्तन संस्कार के अंतर्गत तीर्थंकर की माता शशि पहाड़िया की गोद भराई रस्म भजनों एवं मांगलिक गीतों के बीच संपन्न हुई। सायंकाल आरती, शास्त्र सभा एवं गर्भ कल्याणक का नाटकीय मंचन किया गया, जिसमें इन्द्र दरबार की आकर्षक प्रस्तुति रही।
111 फीट ऊंची धर्म ध्वजा होगी स्थापित
आयोजन समिति के अनुसार प्रदेश के पहले दिगंबर जैन मंदिर परिसर में पहली बार 111 फीट ऊंची धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी।
आज निकलेगी जन्म कल्याणक शोभायात्रा
मीडिया प्रभारी विनोद जैन कोटखावदा के अनुसार 19 फरवरी को जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। प्रातः 11:30 बजे भव्य शोभायात्रा पाण्डुक शिला के लिए रवाना होगी, जिसमें हाथी, घोड़े, ऊंट व बैंड-बाजे शामिल रहेंगे। पाण्डुक शिला पर 1008 कलशों से तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक होगा।
20 फरवरी को तप कल्याणक, 21 फरवरी को केवलज्ञान तथा 22 फरवरी को मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। अंतिम दिन रथयात्रा, शिखर पर कलशारोहण व ध्वजदंडारोहण के साथ महोत्सव का समापन होगा।
आयोजन के दौरान जयपुर से पदमपुरा आने-जाने के लिए नि:शुल्क बसों की व्यवस्था की गई है।

