जयपुर, 7 फरवरी।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के सभागार में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार राजस्थान का सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नगरीय विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध, समन्वित एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ शहरी विकास कार्यों को गति दी जानी चाहिए। उन्होंने बजट घोषणा के अनुरूप जयपुर शहर के समीप हाईटेक सिटी के शीघ्र विकास के निर्देश देते हुए अधिकारियों को विशाखापत्तनम की क्वांटम सिटी एवं तेलंगाना की आईटी सिटी का अध्ययन करने को कहा, ताकि आधुनिक शहरी नियोजन, तकनीकी अधोसंरचना एवं नवाचार आधारित मॉडल को जयपुर में अपनाया जा सके।
मुख्य सचिव ने विभाग में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को अधिवक्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में राज्य सरकार का पक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों, बजट और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में प्रमुख शासन सचिव श्री देवाशीष पृष्टि एवं जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री सिद्धार्थ महाजन ने वर्तमान में संचालित विकास परियोजनाओं एवं भावी कार्ययोजना पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विभाग में ₹5 करोड़ से अधिक राशि के प्रगतिरत निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
साथ ही नगरीय विकास विभाग की वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की बजट घोषणाओं, सड़कों की मरम्मत एवं नवीनीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, सीबीयूडी ऐप के प्रभावी उपयोग, तथा विभिन्न शहरों के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की वर्तमान स्थिति एवं आगामी रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।
बैठक में 31 मार्च 2025 तक मासिक राजस्व प्राप्ति, बकाया राज्यांश के विरुद्ध जमा राशि, शेष बकाया, लंबित ऑडिट पैरा, माननीय उच्च न्यायालय में लंबित एवं अवमानना प्रकरणों—जिनमें राज्य सरकार द्वारा जवाब प्रस्तुत किया जाना शेष है—पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इसके अतिरिक्त न्यास जैसलमेर द्वारा प्रस्तावित थीम पार्क निर्माण, तथा कोटा एवं जोधपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे शहरी सौंदर्यकरण एवं जनउपयोगी विकास कार्यों की प्रस्तुति भी दी गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागीय समन्वय, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि दूरदर्शी सोच, रचनात्मक दृष्टिकोण और समन्वित प्रयासों से ही समावेशी एवं सतत शहरी विकास को सही दिशा दी जा सकती है।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव श्री देवाशीष पृष्टि, जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री सिद्धार्थ महाजन सहित नगरीय विकास विभाग एवं जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रदेशभर के नगरीय विकास न्यास एवं प्राधिकरणों के उच्चाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

