जयपुर, 18 फरवरी। समाधिस्थ संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के द्वितीय महाप्रयाण (समाधि) दिवस तथा प्रथम गणिनी आर्यिका विजयमति माताजी के समाधि दिवस पर बुधवार को सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में गौ सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उपाध्याय ऊर्जयन्त सागर महाराज के आशीर्वाद और आर्यिका विष्णु प्रभा माताजी के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने गौशाला में गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे
आर्यिका श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्यश्री ने अपने जीवनकाल में अनेक स्थानों पर गौशालाओं की स्थापना कर गौ सेवा को विशेष महत्व दिया। उनका गायों के प्रति विशेष स्नेह और समर्पण रहा है।
अमन जैन कोटखावदा ने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि चंद्रगिरी तीर्थ, डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) में 18 फरवरी 2024 को मध्यरात्रि 2:35 बजे हुई थी। पारंपरिक जैन रीति-रिवाज से वहीं उनका अंतिम संस्कार किया गया था।
महाप्रयाण के दो वर्ष पूर्ण होने पर सांगानेर पिंजरापोल गौशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा, राजस्थान जैन युवा महासभा दक्षिण संभाग के अध्यक्ष चेतन जैन निमोडिया, मनीष सोगानी, पारस जैन, त्रिलोक चंद जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से गौ सेवा और आचार्यश्री के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
