जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के व्यावसायिक प्रशासन विभाग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर “नशा मुक्ति अभियान” के तहत झालाना स्थित कच्ची बस्ती में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण के साथ हुआ। इसके बाद रैली के रूप में निर्धारित स्थल तक पहुँचकर स्थानीय निवासियों को संबोधित किया गया। स्वयंसेवकों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को रेखांकित किया। नाटक में बताया गया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक वातावरण को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
संवाद, नारों और गीतों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पी.जी. स्कूल ऑफ कॉमर्स के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. भवानी शंकर शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर वाणिज्य संकाय एवं विभाग के प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पिंकी कुमारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि विशेष शिविर के दौरान सामाजिक, पर्यावरणीय एवं जनजागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।
यह विशेष शिविर युवा चेतना, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।

