जयपुर। JECRC Foundation में “इनोसेंस” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन कॉलेज के सामाजिक उत्तरदायित्व क्लब “जरूरत” द्वारा किया गया। “जरूरत” क्लब 5 से 13 वर्ष तक के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जेईसीआरसी अभ्युदय के माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक जिंदगियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा चुका है। “इनोसेंस” पिछले 14 वर्षों से आयोजित हो रहा है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए तीन रचनात्मक कार्यशालाएँ आयोजित की गईं—
पाईप क्लीनर फ्लॉवर्स, जिसमें बच्चों ने रंग-बिरंगे पाईप क्लीनर से सुंदर फूल बनाए और अपनी कल्पनाशक्ति को आकार दिया।
पेपर प्रिंटिंग तकनीक, जिसमें बच्चों ने रंगों और पैटर्न के प्रयोग से अनोखे डिज़ाइन तैयार किए।
पॉटरी वर्कशॉप, जिसमें बच्चों ने मिट्टी से विभिन्न आकृतियाँ बनाकर धैर्य, एकाग्रता और सृजनात्मकता का विकास किया।
इन गतिविधियों ने बच्चों के आत्मविश्वास और कौशल को नई दिशा दी। कार्यक्रम के दौरान द्वितीय वर्ष के छात्र पियूष देवरा ने तनु जैन के सम्मान में एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की, जिसे सभी ने सराहा।
एब्स्ट्रैक्ट आर्ट गतिविधि में “ब्लू पेंटर मैन” के नाम से प्रसिद्ध शरद भारद्वाज ने 9.5×18 फीट के कैनवास पर बनाई गई रूपरेखा को बच्चों के सहयोग से रंगों से सजीव बनाया। उनके नाम दो लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं। रंगीन “कलर बबल” प्रस्तुति, बबल गन्स, पार्टी पॉपर्स और कंफेटी के साथ कला प्रदर्शनी को आकर्षक रूप दिया गया। मैस्कॉट्स की उपस्थिति और बलून लिफ्टिंग शो ने बच्चों के साथ नृत्य कर माहौल को उल्लासमय बना दिया।
कार्यक्रम में पूर्व सिविल सेवक एवं प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर तनु जैन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल पद या डिग्री से नहीं, बल्कि मूल्यों और जिम्मेदारी से तय होती है। उन्होंने तीन मंत्र दिए—सदैव सत्य बोलें, सभी का सम्मान करें और मोबाइल फोन का सीमित व सकारात्मक उपयोग करें।
पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी प्रेम सिंह जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा कि गरीबी और बीमारी समाज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें शिक्षा के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने 13,000 से अधिक कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए कार्य किया है और उनके लिए बनाए गए 97 लॉज में से कई में सरकारी स्तर पर सुधार करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने “इनोसेंस, सरप्राइज और मिरेकल” को जीवन के तीन महत्वपूर्ण भाव बताया।
जोधपुर से पधारीं बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ. कीर्ति भारती ने बताया कि वे 53 बाल विवाह रुकवा चुकी हैं तथा 2200 से अधिक मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कर बाल विवाह रोकने में सफल रही हैं। साथ ही 20,000 से अधिक लोगों को बाल विवाह के विरोध की शपथ दिला चुकी हैं। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
अंत में आर्ट बैकड्रॉप के साथ गुडीज़ वितरित किए गए। “इनोसेंस” कार्यक्रम ने बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संचार किया।
“जरूरत” क्लब का यह प्रयास शिक्षा के माध्यम से समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
गौरतलब है कि “इनोसेंस” रेनेसाँ की शुरुआत है। हर वर्ष रेनेसाँ से पहले इनोसेंस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष रेनेसाँ में बिस्मिल मुख्य आकर्षण रहेंगे तथा राजस्थान पवेलियन में कला और रचनात्मक प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएंगी।


