जोधपुर, 01 फरवरी।
राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (RIFF) के 12वें संस्करण के अंतर्गत रविवार को आयोजित मास्टर क्लास कार्यक्रम में भारतीय सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता रजित कपूर ने अभिनय की तैयारी, किरदारों की गहराई, अनुशासन और कलाकार की मानसिकता पर विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। यह सत्र अभिनय में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
RIFF के फाउंडर एवं फेस्टिवल डायरेक्टर अंशु हर्ष के साथ संवाद के दौरान रजित कपूर ने कहा कि अभिनय के लिए कोई निश्चित नियम या तय फार्मूला नहीं होता। हर किरदार की शुरुआत एक बिंदु से होती है और लगभग 90 प्रतिशत मामलों में यह बिंदु स्क्रिप्ट और कहानी होती है। स्क्रिप्ट ही वह बीज है, जिससे किरदार का जन्म होता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में निर्देशक का विज़न भी अभिनेता के लिए शुरुआती आधार बन सकता है।
उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को निर्देशक की भावनाओं से अधिक उसके विज़न को समझना चाहिए। अभिनेता एक माध्यम होता है, जिसे स्क्रिप्ट और निर्देशक की कल्पना के अनुरूप स्वयं को ढालना पड़ता है। रजित कपूर ने अभिनय की तुलना गीली मिट्टी से करते हुए कहा कि कलाकार को सदैव लचीला रहना चाहिए। यदि मिट्टी सूख जाए तो न उसमें परिवर्तन संभव होता है और न ही विकास।
अपने अभिनय करियर के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने अपनी चर्चित एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘मेकिंग ऑफ महात्मा’ का उल्लेख किया और कहा कि चुनौतियां ही किसी कलाकार को आगे बढ़ने और स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई किरदार बहुत आसान प्रतीत हो, तो



