जयपुर।
जयपुर के चिकित्सा क्षेत्र को एक नई मजबूती मिली है, जहां डॉ. अनन्या कागिनालकर ने अपनी सेवाएं शुरू की हैं। वे AIIMS Delhi से प्रशिक्षित नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं और विट्रियोरेटिनल रोगों व बाल नेत्र चिकित्सा में विशेषज्ञता रखती हैं।
डॉ. कागिनालकर ने AIIMS दिल्ली से एमडी (ऑप्थाल्मोलॉजी) की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया और उन्होंने एमडी परीक्षा में सभी विभागों में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए। इसके साथ ही उन्होंने INI-SS परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर MCh विट्रियो-रेटिना में प्रवेश प्राप्त किया।
उन्होंने AIIMS दिल्ली में विट्रियो-रेटिना, यूविया एवं रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (ROP) में सीनियर रेजिडेंसी की, जहां एक बार फिर उन्होंने AIR 1 प्राप्त किया। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिग्रियां FRCS (Glasgow) और FICO भी शामिल हैं।
क्लिनिकल विशेषज्ञता
डॉ. कागिनालकर की विशेषज्ञता रेटिना से जुड़ी जटिल बीमारियों के उपचार में है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (ROP): नवजात शिशुओं में होने वाली गंभीर आंखों की बीमारी का उपचार
जटिल रेटिना सर्जरी: रेटिना डिटैचमेंट, डायबिटिक रेटिनोपैथी और अन्य विट्रियोरेटिनल समस्याओं का उपचार
उनका उपचार दृष्टिकोण सटीक निदान, साक्ष्य-आधारित इलाज और मरीज-केंद्रित देखभाल पर आधारित है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
शोध एवं योगदान
डॉ. कागिनालकर के नाम 15 से अधिक रिसर्च पब्लिकेशन हैं और वे अंतरराष्ट्रीय मल्टीसेंट्रिक स्टडीज में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं। इससे उनकी चिकित्सा पद्धति में शोध और व्यावहारिक अनुभव का बेहतर समन्वय देखने को मिलता है।
युवा डॉक्टरों के लिए संदेश
उनकी यात्रा युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने सुझाव दिया कि:
मजबूत शैक्षणिक आधार पर ध्यान दें
सही सब-स्पेशलाइजेशन का चयन करें
हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें
रिसर्च गतिविधियों में भाग लें
मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएं
आगे की राह
रेटिना संबंधी बीमारियों के प्रति बढ़ती जागरूकता और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता को देखते हुए, जयपुर में डॉ. अनन्या कागिनालकर का आगमन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका अनुभव, शैक्षणिक उत्कृष्टता और आधुनिक चिकित्सा दृष्टिकोण शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में सहायक होगा।
