*नई दिल्ली | 28 फ़रवरी 2026* एनएसयूआई ने नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के पदभार ग्रहण समारोह के साथ एक भव्य संविधान संकल्प सभा का आयोजन किया, जिसमें देशभर से आए हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया और भारत के संविधान की रक्षा तथा विद्यार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा का संकल्प लिया।
इस ऐतिहासिक समारोह में अनेक प्रमुख नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्री सचिन पायलट,सांसद श्री दीपेंद्र हुड्डा,दिल्ली कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव,मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेशाध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ,बिहार कांग्रेस कमेटी प्रदेशाध्यक्ष श्री भगत चरण दास ,सांसद कुमारी शैलजा,एनएसयूआई प्रभारी श्री कन्हैया कुमार ,सह-प्रभारी अंशुल त्रिवेदी,सांसद श्रीमती संजना जाटव, सांसद उमेमदाराम बेनीवाल,राज्यसभा सांसद श्री नीरज डांगी, पूर्व एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीरज कुंदन,पूर्व एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता, छात्र प्रतिनिधि और देशभर से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम केवल एक पदभार ग्रहण समारोह नहीं था, बल्कि यह छात्र एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रव्यापी सशक्त संदेश बनकर उभरा।
सभा को संबोधित करते हुए विनोद जाखड़ ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“मैं राहुल गांधी जी और कांग्रेस नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने एक साधारण और संघर्षशील परिवार से आने वाले कार्यकर्ता पर विश्वास जताया। यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि उन सभी गरीब और परिश्रमी परिवारों के बेटों और बेटियों का है, जो संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह केवल पदभार ग्रहण समारोह नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का राष्ट्रीय संकल्प है। हम बेरोज़गारी, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा के निजीकरण और छात्रसंघ चुनावों की बहाली जैसे मुद्दों पर अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और तेज करेंगे।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा:
“विश्वविद्यालय वैचारिक थोपने के स्थान नहीं हैं। जो शक्तियाँ शैक्षणिक संस्थानों को नियंत्रित करना और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाना चाहती हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि विद्यार्थी संविधान के साथ दृढ़ता से खड़े हैं। एनएसयूआई किसी भी विभाजनकारी और अलोकतांत्रिक मानसिकता का सशक्त विरोध करेगा।”
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने इसे छात्र आंदोलन के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया और कहा कि देश का युवा संविधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए एकजुट है।अपने संबोधन का समापन करते हुए विनोद जाखड़ ने कहा: “हम संविधान की रक्षा करेंगे परिसर दर परिसर, राज्य दर राज्य। यह संघर्ष विद्यार्थियों के अधिकारों और हमारे राष्ट्र के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए है।”
