जयपुर, 28 फरवरी 2026: वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Manipal University Jaipur ने ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित University of Melbourne के साथ विज्ञान संकाय में एक ऐतिहासिक ड्यूल डिग्री समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर परिसर में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ नेतृत्व, संकाय सदस्यों और आमंत्रित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस सहयोग के तहत विज्ञान कार्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों को दोनों विश्वविद्यालयों में एकीकृत पाठ्यक्रम के माध्यम से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर विद्यार्थियों को दोनों संस्थानों से डिग्री प्रदान की जाएगी। ड्यूल डिग्री संरचना विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव, उन्नत प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं तक पहुंच, बहुसांस्कृतिक शिक्षण वातावरण, बेहतर वैश्विक रोजगार संभावनाएं तथा संयुक्त शोध एवं संकाय विनिमय के अवसर प्रदान करेगी।
इस अवसर पर मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफेसर करुणाकर ए. कोटेगर ने इस समझौते को एक परिवर्तनकारी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीयकरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है। ड्यूल डिग्री कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक दक्षताओं और शोध-आधारित शिक्षा से सशक्त बनाएगा।”
यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की एसोसिएट डीन (ग्लोबल एंगेजमेंट) प्रोफेसर विला हस्टन ने भी इस सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम इस पहल में साझेदारी करके अत्यंत प्रसन्न हैं। यह कार्यक्रम शैक्षणिक गतिशीलता, नवाचार और दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देगा।”
यह कार्यक्रम प्रारंभिक रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और डेटा साइंस जैसे प्रमुख विज्ञान विषयों पर केंद्रित होगा तथा भविष्य में अंतर्विषयक और शोध-आधारित पाठ्यक्रमों तक इसके विस्तार की संभावना रहेगी।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि यह साझेदारी मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के वैश्विक सहभागिता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग-संगत शिक्षा के रणनीतिक दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रथम बैच के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026–27 से कार्यक्रम प्रारंभ होने की अपेक्षा है।
यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शैक्षणिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो संस्थागत सहयोग को गहरा करने और विद्यार्थियों के लिए वैश्विक अवसरों को विस्तारित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
