जयपुर। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के उत्तर अंचल कार्यालय, जयपुर की ओर से मंगलवार को होटल रॉयल ऑर्किड में राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (NHIS) 2026 को लेकर एक दिवसीय अंचल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अपर महानिदेशक डॉ. चंद्रमणि शर्मा (CQCD), NSO नई दिल्ली ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उप महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह चोपड़ा, NSO (उत्तर अंचल), जयपुर के नेतृत्व में किया गया।
फील्ड ऑपरेशन्स डिवीजन (FOD), NSO के अपर महानिदेशक किशोर कुमार कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए। उन्होंने NHIS के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सर्वेक्षण देशभर में घरेलू आय से संबंधित विश्वसनीय और व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो नीति निर्माण के लिए साक्ष्य आधारित आधार को मजबूत करेगा। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और सावधानी के साथ करने का आग्रह किया।
हाउसहोल्ड सर्वे डिवीजन (HSD), NSO के अपर महानिदेशक अजय बक्सी ने विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों से घरेलू आय संबंधी जानकारी एकत्र करने में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अपेक्षाकृत समृद्ध वर्ग के उत्तरदाता कई बार कर संबंधी चिंताओं के कारण आय बताने में संकोच करते हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को आशंका रहती है कि आय की जानकारी देने से उनकी कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अधिकारियों को धैर्य और सावधानी के साथ संवाद स्थापित करते हुए जानकारी एकत्र करनी चाहिए।
इस दौरान उप महानिदेशक हंसराज यादव, क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर तथा डॉ. अमितावा साहा, उप महानिदेशक, हाउसहोल्ड सर्वे डिवीजन (HSD) ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और क्षेत्रीय कार्यों के दौरान डेटा की गुणवत्ता और एकरूपता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (NHIS) का संचालन पूरे देश में अप्रैल 2026 से मार्च 2027 के दौरान किया जाएगा। यह भारत का पहला पैन-इंडिया सर्वेक्षण होगा, जो विशेष रूप से घरेलू आय के मापन पर केंद्रित है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आय से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जिससे आय वितरण और परिवारों की आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में लगभग 200 क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी, कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी, सांख्य सुपरवाइजर और सांख्य मित्र शामिल थे। ये अधिकारी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर राज्यों के साथ-साथ लद्दाख, चंडीगढ़ और दिल्ली केंद्र शासित प्रदेशों के 30 क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय कार्यालयों से पहुंचे थे।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के दौरान पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जा सकें और इनके आधार पर प्रभावी नीति निर्माण तथा कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिल सके।
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