सांभर-मोखमपुरा, 15 अप्रैल 2026। सांभर-नरेना मार्ग स्थित टांका गौशाला के पास भैराणा धाम की भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक विकास के खिलाफ क्षेत्रीय लोगों और संत समाज ने कड़ा विरोध जताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आस्था और पर्यावरण की कीमत पर औद्योगिक विकास किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भैराणा धाम की पवित्र भूमि पर रीको द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे यहां मौजूद सैकड़ों प्रजातियों के पेड़-पौधे और हजारों जीव-जंतु प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि पिछले दिनों प्रशासन द्वारा हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई की गई, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
आक्रोश के प्रमुख कारण
धार्मिक स्थल की भूमि को औद्योगिक उपयोग में लाने का विरोध
बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से पर्यावरण संकट की आशंका
स्थानीय लोगों की आपत्तियों की अनदेखी
अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
प्रशासन के फैसले के विरोध में 15 अप्रैल से प्रातः 10 बजे से विवादित भूमि पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक रीको का आवंटन रद्द नहीं किया जाता और भूमि को संरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संत समाज और स्थानीय लोगों ने देशभर के पर्यावरण प्रेमियों, गौ-भक्तों और नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल भूमि की नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण और अस्तित्व की रक्षा की है।



