जयपुर, 14 अप्रैल। डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर में मंगलवार को प्रथम “डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति विधि व्याख्यान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “Data, Dignity and Destiny: Rethinking Social Justice in the AI Era” रहा, जिसमें सामाजिक न्याय के बदलते आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी (पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय) ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) मिथिलेश कुमार वर्मा ने की।
कार्यक्रम में प्रदेशभर के लगभग 80 विधि महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने कहा कि गरिमा, समानता और न्याय समाज के मूल आधार हैं, और तकनीक के इस युग में इन मूल्यों को बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एक सतत प्रक्रिया है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलती है।
न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने उद्बोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए कहा कि आज के समय में न्याय प्रणाली में डेटा और तकनीक की भूमिका बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही संवैधानिक मूल्यों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कुलगुरु प्रो. मिथिलेश कुमार वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. अंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने में प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव वीरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

