जयपुर, 27 अप्रैल।
गो संरक्षण, संवर्धन और सम्मान को लेकर सोमवार को देशभर में गो सम्मान दिवस मनाया गया। इस दौरान देश की 5410 तहसीलों में तहसीलदार व एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे गए। साथ ही मिस कॉल अभियान के जरिए भी लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
जयपुर जिले की सभी तहसीलों में कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों में शामिल हुए। सीकर रोड स्थित सियारामदास जी की बगीची से गोमाता पूजन के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जो अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई।
समन्वय से जाम से मुक्त रहा कलेक्ट्रेट क्षेत्र
भीड़ प्रबंधन को लेकर गोसेवी संगठनों, साधु-संतों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। संभावित भीड़ को देखते हुए कलेक्ट्रेट के बजाय कार्यक्रम स्थल आदर्श विद्या मंदिर रखा गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन स्वीकार किया, जिससे कलेक्ट्रेट क्षेत्र यातायात जाम से मुक्त रहा। आमेर, सांगानेर और कालवाड़ सहित अन्य तहसीलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रार्थना पत्र में प्रमुख मांगें
प्रार्थना पत्र में गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त कानून बनाने, सभी राज्यों में गो अभयारण्य स्थापित करने और निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
स्टेच्यू सर्किल पर 5411 दीपों से रोशनी
शाम को स्टेच्यू सर्किल पर 5411 गोमय निर्मित घी के दीपक जलाए गए, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा। गो प्रेमियों ने गो संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
10 जुलाई तक जवाब का इंतजार
गोभक्त ताराचंद कोठारी ने बताया कि 10 जुलाई 2026 तक सरकार से सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद है। यदि मांगें पूरी होती हैं तो 27 जुलाई को धन्यवाद ज्ञापन दिया जाएगा, अन्यथा उसी दिन देशभर के जिला मुख्यालयों पर फिर से प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे।






