जयपुर, 27 अप्रैल।
महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम ने सोमवार को अजमेर जिले का दौरा कर बांदरसिंदरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों का पंजीकरण बढ़ाने, बच्चों की सही ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद शासन सचिव ने जिला परिषद सभागार में अजमेर संभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उपनिदेशक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, महिला पर्यवेक्षक और महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर सर्वे कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने, बच्चों की वृद्धि की नियमित निगरानी करने और केंद्रों को यथासंभव विद्यालयों के साथ कोलोकेट करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरक पोषाहार का वितरण केवल एफआरएस के माध्यम से करने, पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी आधारभूत सुविधाओं की सही जानकारी पोषण ट्रैकर पर दर्ज करने पर भी जोर दिया।
शासन सचिव ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिलाओं का पंजीकरण और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नियमित निरीक्षण करें और निरीक्षण के दौरान अधिक से अधिक समुदाय से संवाद स्थापित कर विभागीय योजनाओं की जानकारी दें।
उन्होंने आईसीडीएस और महिला अधिकारिता विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का अधिकतम लाभ लोगों तक पहुंचाने और बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी दिए।
श्रीमती पूनम ने सभी अधिकारियों को अपने जिले की जरूरतों के अनुसार विशेष नवाचार करने और गृह संपर्क की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में आईसीडीएस निदेशक श्री वासुदेव मालावत और महिला अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती नीतू राजेश्वर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद शासन सचिव ने महिला अधिकारिता विभाग के राजकीय बालिका छात्रावास परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और केंद्र की एसओपी की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
