जयपुर, 12 अप्रैल 2026 — नारायणा हॉस्पिटल द्वारा विश्व पार्किंसंस दिवस के अवसर पर “पार्किंसन? अब नहीं रोकेगा आपके कदम” थीम के साथ एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पार्किंसंस रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी देना रहा।
डॉक्टर्स के अनुसार पार्किंसंस एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो समय के साथ मरीज की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। हालांकि यह दीर्घकालिक बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज और सही देखभाल से मरीज सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में उन्नत Deep Brain Stimulation (DBS) सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे पार्किंसंस के मरीजों को काफी राहत मिलती है। पिछले दो वर्षों में यहां 3000 से अधिक मरीजों का सफल इलाज किया गया है और 16 डीबीएस सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. वैभव माथुर ने बताया कि DBS उन मरीजों के लिए प्रभावी है, जिन पर दवाइयों का असर कम हो जाता है। इसके साथ ही एडवांस तकनीक Adaptive Deep Brain Stimulation (A-DBS) भी उपलब्ध है, जो मरीज के दिमागी सिग्नल्स के अनुसार खुद को एडजस्ट कर बेहतर परिणाम देती है।
फैसिलिटी डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिया ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराना है, वहीं क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने शुरुआती पहचान को बीमारी के नियंत्रण में सबसे अहम बताया।
कार्यक्रम में पार्किंसंस से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सही जानकारी और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए इस बीमारी को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने इस पहल के माध्यम से समय पर निदान, जागरूकता और बेहतर न्यूरोलॉजिकल देखभाल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।








