जयपुर की उभरती नृत्यांगना ख्वाहिश सैनी, कथक और फोक डांस में बना रही पहचान

 


जयपुर: प्रतिभा और मेहनत का संगम जब एक साथ आता है, तो सफलता की राह अपने आप बनती जाती है। जयपुर की युवा नृत्यांगना ख्वाहिश सैनी इसी का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही हैं। बचपन से ही डांस के प्रति गहरी रुचि रखने वाली ख्वाहिश आज कथक और राजस्थानी लोक नृत्य दोनों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

जयपुर में जन्मी और पली-बढ़ी ख्वाहिश ने अपने नृत्य सफर की शुरुआत प्रतिष्ठित Jaipur Kathak Kendra से की, जहां उन्होंने कथक की विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया। यहां से उन्होंने न केवल तकनीकी रूप से खुद को मजबूत किया, बल्कि कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया।


उनके करियर का एक अहम मोड़ तब आया, जब उन्होंने पहली बार Jawahar Kala Kendra में राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर घूमर नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने उन्हें नई पहचान दी और यहीं से उन्होंने कथक के साथ-साथ लोक नृत्य की ओर भी कदम बढ़ाए।



इसके बाद से ख्वाहिश लगातार अभ्यास और समर्पण के साथ अपने हुनर को निखार रही हैं। उनकी प्रस्तुतियों में जहां कथक की शास्त्रीयता झलकती है, वहीं राजस्थानी लोक नृत्य की रंगत भी साफ दिखाई देती है।

ख्वाहिश की इस यात्रा में उनके परिवार का विशेष योगदान रहा है। परिवार का लगातार सहयोग और प्रोत्साहन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।

अपने जुनून, मेहनत और समर्पण के बल पर ख्वाहिश सैनी आज जयपुर की उभरती हुई नृत्यांगनाओं में शामिल हो रही हैं और आने वाले समय में बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने की ओर अग्रसर हैं।

Previous Post Next Post