जयपुर, 21 अप्रैल। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य राजकीय भोज में राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध और स्वाद ने देश-विदेश के मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के सम्मान में आयोजित इस विशेष डिनर की मेजबानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे।
रॉयल थाली में सजा राजस्थान का जायका
इस विशेष मेन्यू को तैयार करने में शेफ रविंद्र नरुका, हिम्मत सिंह, रतिराम प्रजापत और राष्ट्रपति भवन के एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार की अहम भूमिका रही। टीम ने मिलकर राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को रॉयल थाली में पेश किया।
मेन्यू में ज्वार का राब, गोविंद गट्टा, धुंगारी पालक मंगोड़ी, चांदी वाली दाल, जैसलमेरी पुलाव और गुलाब बाटी-चूरमा जैसे व्यंजनों ने खास आकर्षण बटोरा। वहीं मिठाइयों में खीरंद मालपुआ और घेवर ने पारंपरिक मिठास का अहसास कराया। खास बात यह रही कि इन सभी व्यंजनों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ परोसा गया, लेकिन उनकी मौलिकता और परंपरा को पूरी तरह बरकरार रखा गया।
डेढ़ महीने तक चला शोध और ट्रायल
शेफ डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि इस विशेष मेन्यू को तैयार करने में लगभग डेढ़ महीने तक गहन रिसर्च और कई बार ट्रायल किए गए। उन्होंने राजस्थान की पारंपरिक रसोई, स्थानीय सामग्री और प्राचीन पाक विधियों का गहराई से अध्ययन किया, ताकि हर डिश स्वाद और प्रस्तुति दोनों में उत्कृष्ट हो।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां डॉ. उमा शर्मा और पत्नी डॉ. नेहा शर्मा को देते हुए कहा कि परिवार का सहयोग इस उपलब्धि में बेहद महत्वपूर्ण रहा।
शेफ सौरभ ने बताया कि अलग-अलग संयोजन और तकनीकों पर प्रयोग करने के बाद हर व्यंजन को सावधानीपूर्वक चुना गया, ताकि यह राजकीय भोज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक यादगार अनुभव बन सके।

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