जयपुर। घुमन्तु जाति समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य सरकार के राजीविका मिशन के तहत घुमन्तु जाति की करीब 15 लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत महिलाओं को विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे तथा उन्हें रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकें।
कार्यक्रम संयोजक सर्वेश्वर शर्मा ने बताया कि जयपुर के जयसिंहपुरा, दिल्ली रोड स्थित घुमन्तु जाति बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में घुमन्तु जाति उत्थान न्यास के घुमंतू कार्य महानगर प्रमुख राकेश कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में घुमन्तु महिला कार्य प्रमुख डॉ. अल्का गौड़ ने बस्ती की महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं द्वारा किए जा रहे पारंपरिक रोजगार और हस्तशिल्प कार्यों की जानकारी प्राप्त की गई।
संवाद के दौरान यह सामने आया कि घुमन्तु समाज की महिलाएं कढ़ाई, बुनाई, छाजला बुनाई, मिट्टी के खिलौने बनाने सहित कई पारंपरिक कला और हस्तशिल्प कार्यों में दक्ष हैं। राज्य सरकार के सहयोग से इन महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच को बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम में बताया गया कि इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों और मेलों में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे घुमन्तु समाज की कला और हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
इस अवसर पर समाजसेवी प्रवीण शर्मा, गालव भाग के संयोजक ओम श्रीमाल, महानगर टोली से विजय रावत तथा घुमन्तु बस्ती से कृष्णा सिंगीवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
