जयपुर, 1 मई: विश्व पैरा थ्रोबॉल महासंघ (WPTF) की अध्यक्ष निर्मला रावत के दूरदर्शी प्रयासों और कुशल नेतृत्व के चलते राजस्थान के खेल जगत के नाम एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में होने वाली तीसरी एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी का गौरव राजस्थान के सिंघानिया विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ है।
जयपुर में आयोजित एक विशेष गरिमामयी समारोह में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए आधिकारिक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। WPTF अध्यक्ष निर्मला रावत ने स्वयं इस समझौते की कमान संभाली। उनके साथ महासचिव डॉ. वी. अल्बर्ट प्रेमकुमार और सिंघानिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने आगामी प्रतियोगिता की रूपरेखा पर सहमति जताई।
निर्मला रावत के विजन के अनुसार यह चैंपियनशिप न केवल एक खेल प्रतियोगिता होगी, बल्कि एशिया में समावेशी खेलों (Inclusive Sports) को बढ़ावा देने का एक महाकुंभ बनेगी। इसमें भारत सहित 15 से अधिक देशों जैसे थाईलैंड, जापान, यूएई, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के एथलीट हिस्सा लेंगे। इस चैंपियनशिप का आयोजन पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (PTFI) के सक्रिय सहयोग से किया जाएगा। इसका उद्देश्य पैरा-खिलाड़ियों को एक विश्वस्तरीय मंच प्रदान करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान मजबूत करना है।
WPTF अध्यक्ष निर्मला रावत ने कहा, “यह आयोजन एशिया में पैरा-एथलीटों के लिए नए द्वार खोलेगा। हमारा लक्ष्य खेलों के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों के कौशल को पूरी दुनिया के सामने लाना है।”
एमओयू बैठक के दौरान भारतीय पैरा थ्रोबॉल कप्तान प्रशांत और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मालती इनामदार जैसी दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन की अहमियत को और बढ़ा दिया। निर्मला रावत द्वारा इस पहल को आगे बढ़ाने से खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलने की संभावना बढ़ गई है।
सिंघानिया विश्वविद्यालय ने फरवरी 2026 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का सफल आयोजन कर पहले ही अपनी क्षमता दिखाई थी। अब, निर्मला रावत के भरोसे और मार्गदर्शन ने इस संस्थान को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है, जिससे राजस्थान खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार है।