8वां ‘राजरंगम्’ नाट्य समारोह 14 एवं 15 मई को जवाहर कला केन्द्र में होगा आयोजित




जयपुर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से स्वीकृत एवं जवाहर कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला 8वां राजरंगम् नाट्य समारोह आगामी 14 एवं 15 मई 2026 को जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में आयोजित किया जाएगा। राजस्थान में रंगमंच के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह राष्ट्रीय स्तर का नाट्य समारोह वर्ष 2013 से लगातार आयोजित किया जा रहा है और रंगकर्मियों, विद्यार्थियों तथा कला प्रेमियों के बीच अपनी विशेष पहचान बना चुका है।

समारोह के आयोजक एवं राजस्थान रंगमंच के स्कॉलर डॉ. चन्द्रदीप हाड़ा ने बताया कि राजस्थान की पर्यटन, कला, संस्कृति एवं पुरातत्व विरासत को केंद्र में रखकर वर्ष 2009 और 2011 में दूरदर्शन राजस्थान द्वारा निर्मित यात्रावृत्तांत ‘डेजर्ट कॉलिंग’ की 73 कड़ियों में मुख्य अभिनेता के रूप में कार्य करने का अवसर उन्हें प्राप्त हुआ। इसके साथ ही संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में उनके जूनियर फैलोशिप शोध कार्य को सम्मानित किया गया तथा राजस्थान विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय द्वारा नाट्य कला एवं चित्रकला विषयों में वर्ष 2013 में उनके पीएचडी शोध कार्य को भी पुरस्कृत किया गया। इन्हीं अनुभवों और शोध कार्यों से प्रेरित होकर इस नाट्य समारोह की परिकल्पना की गई थी।

उन्होंने बताया कि 8वीं बार इस समारोह का आयोजन करना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है। इस वर्ष समारोह में नवाचार करते हुए पारंपरिक लोक नाटक और नुक्कड़ नाटक को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है, ताकि रंगमंच की विविध विधाओं को मंच प्रदान किया जा सके और नई पीढ़ी को भारतीय लोकनाट्य परंपराओं से जोड़ा जा सके।

समारोह के अंतर्गत 14 मई को शाम 7 बजे जवाहर कला केन्द्र के रंगायन सभागार में हास्य नाटक ‘फ्लर्ट’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गगन मिश्रा करेंगे। वहीं 15 मई को शाम 7 बजे हास्य-व्यंग्य नाटक ‘तार्तूफ’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली से स्नातक चिन्मय दास द्वारा किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त 15 मई को सुबह 10 बजे से कृष्णायन सभागार में जयपुर की पारंपरिक लोक नाट्य शैली पर आधारित तमाशा ‘गोपीचंद भर्तृहरि’ का मंचन किया जाएगा। इस प्रस्तुति का निर्देशन प्रसिद्ध तमाशा साधक दिलीप भट्ट करेंगे।

इसी दिन सुबह 11:30 बजे कृष्णायन सभागार में ‘एक रंगकर्मी से वार्ता’ विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस संवाद सत्र में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से स्नातक चिन्मय दास अपने रंगमंचीय अनुभव, एनएसडी में प्रवेश की तैयारी, नए विद्यार्थियों के लिए रंगमंच की संभावनाएं, चुनौतियां तथा समाज और रंगमंच के संबंधों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम का संचालन राजस्थान रंगमंच के स्कॉलर डॉ. चन्द्रदीप हाड़ा करेंगे। संगोष्ठी में कला और कलाकारों की सुरक्षा, आपदा के समय कलाविधाओं के संरक्षण तथा समाज की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।

समारोह के दौरान विभिन्न नाट्य निर्देशकों पर आधारित एक विशेष चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जो रंगमंच प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

इससे पूर्व 23 अप्रैल से 13 मई तक जवाहर कला केन्द्र में 21 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में तैयार किए गए पर्यावरण संरक्षण आधारित नुक्कड़ नाटक ‘वनीकरण’ के तीन मंचन 13 मई को हिंगोनिया गौशाला तथा 15 मई को कृष्णायन सभागार में किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि इसी नाट्य समारोह के अंतर्गत 15 अप्रैल को आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बिड़ला सभागार में नुक्कड़ नाटक ‘नारी का नया सवेरा’ का प्रभावशाली मंचन भी किया जा चुका है, जिसे दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया था।

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