राजधानी जयपुर के क्षेत्र से कॉरपोरेट हनीट्रैप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में जयपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस हनीट्रैप रैकेट की मुख्य आरोपी दिशा बाबला को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला ने प्रोफेशनलिज्म की आड़ में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी को अपने जाल में फंसाकर उससे करीब 90 लाख रुपये वसूल लिए।
पीड़ित व्यवसायी के अनुसार दिशा बाबला की नजर उसके करोड़ों रुपये के एआई प्रोजेक्ट पर थी और वह उस पर कब्जा करना चाहती थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने एआई टूल्स की मदद से व्यवसायी की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार किए। इसके बाद सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल किया गया।
90 लाख ऐंठने के बाद मांगे और 50 लाख
व्यवसायी ने समाज में बदनामी के डर से आरोपी को करीब 90 लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी का मन नहीं भरा। शिकायत के मुताबिक दिशा बाबला ने अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग की। साथ ही पैसे नहीं देने पर फोटो-वीडियो वायरल करने और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
गिरोह के पीछे एक और मास्टरमाइंड!
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि इस पूरे रैकेट के पीछे धीरज कुमार नामक व्यक्ति का भी अहम रोल है, जो दिशा बाबला को हर कदम पर गाइड कर रहा था। मामले की जांच में अब इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
जोधपुर से हुई गिरफ्तारी
ने बताया कि आरोपी महिला दिशा बाबला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि समाज में बदनामी के डर से कई अन्य पीड़ित अब तक सामने नहीं आए हैं। ऐसे में पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य मामलों का खुलासा हो सके।

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