वास्तु में रंगों का विशेष महत्व, सही रंगों से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा: डॉ. भूपेंद्र वास्तुशास्त्री घर में कौन-सा रंग लाएगा सकारात्मक ऊर्जा? डॉ. भूपेंद्र वास्तुशास्त्री ने बताए वास्तु नियम




जयपुर। वास्तु शास्त्र में दिशा, पंच तत्व, भवन निर्माण और आंतरिक सज्जा के साथ-साथ रंगों का भी विशेष महत्व होता है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद एवं लेखक डॉ. भूपेंद्र वास्तुशास्त्री का कहना है कि रंगों का सही चयन भवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जबकि गलत रंगों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन और वातावरण पर नकारात्मक पड़ सकता है।

डॉ. वास्तुशास्त्री ने बताया कि आवासीय भवनों में हल्का सफेद, क्रीम और सिल्वर रंग सर्वमान्य एवं शुभ माने जाते हैं। इन रंगों का उपयोग भवन के अंदर और बाहर दोनों स्थानों पर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न दिशाओं के अनुसार रंगों का चयन करने से वास्तु संतुलन बेहतर होता है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

उनके अनुसार ईशान कोण में हल्का आसमानी रंग और जलधारा से जुड़े दृश्य, पूर्व दिशा में कॉपर शेड, आग्नेय कोण में हल्का गुलाबी, प्याजी एवं पर्ल रंग उपयुक्त माने जाते हैं। वहीं दक्षिण दिशा में गाजरी, गेहुआं और मेट फिनिश रंग, नैऋत्य कोण में सुनहरा पीला एवं गोल्डन, पश्चिम दिशा में ग्रे और हल्का बैंगनी रंग शुभ प्रभाव देते हैं।

इसी प्रकार वायव्य दिशा में लाइट ग्रे और दूधिया रंग तथा उत्तर दिशा में हल्का हरा या सफेद चिकनाईयुक्त रंग वास्तु के अनुसार सकारात्मक परिणाम प्रदान करते हैं।

डॉ. भूपेंद्र वास्तुशास्त्री का कहना है कि यदि भवन में रंगों का चयन दिशा और वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप किया जाए तो कई वास्तु दोषों के प्रभावों को कम किया जा सकता है तथा घर में सुख, शांति और सकारात्मकता का वातावरण बनाया जा सकता है।

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