जयपुर वैक्स म्यूजियम ने विश्व संग्रहालय दिवस पर की नई तकनीकी पहल की घोषणा VR तकनीक, फिल्मों और ऑटोमेटेड लाइटिंग के साथ पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव

 



जयपुर, 18 मई। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले ने पर्यटकों के अनुभव को और अधिक रोमांचक एवं आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकी पहल की घोषणा की है। अब म्यूजियम केवल वैक्स प्रतिमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फिल्मों, लाइव वर्चुअल सेट और VR (वर्चुअल रियलिटी) तकनीक के माध्यम से इतिहास और कहानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।


म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि आज के पर्यटक सिर्फ प्रतिमाएं देखना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें महसूस करना और उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। इसी सोच के साथ जयपुर वैक्स म्यूजियम को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल राजस्थान सरकार एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विजन के अनुरूप है। पिछले वर्ष उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान म्यूजियम को तकनीकी रूप से और समृद्ध बनाने का वादा किया गया था।





इस नई पहल की शुरुआत हाड़ी रानी की वैक्स प्रतिमा से होगी। इसके लिए विशेष रूप से 10 मिनट की फिल्म तैयार की जा रही है। पर्यटक 22 सीटों वाले थिएटर में हाड़ी रानी की प्रतिमा के साथ उनके त्याग, समर्पण, प्रेम और देशभक्ति की प्रेरणादायक कहानी का अनुभव कर सकेंगे। फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन कार्य मुंबई में तेजी से चल रहा है।



इसके साथ ही नाहरगढ़ किले के इतिहास पर भी एक विशेष फिल्म बनाई जा रही है, जिसमें किले के निर्माण, उससे जुड़ी ऐतिहासिक चुनौतियों और सवाई जय सिंह, सवाई माधो सिंह एवं नाहर सिंह जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की भूमिका को दर्शाया जाएगा। इससे पर्यटकों को नाहरगढ़ किले के इतिहास को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।

आने वाले पर्यटन सीजन से कुछ वैक्स प्रतिमाओं के लिए VR आधारित फिल्में भी शुरू की जाएंगी, जिससे पर्यटक अनुभव और अधिक जीवंत एवं रोमांचक बन सकेगा। अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह तक ये सभी बदलाव पर्यटकों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि देश में कई वैक्स म्यूजियम मौजूद हैं, लेकिन जयपुर वैक्स म्यूजियम देश का एकमात्र ऐसा म्यूजियम है, जो 300 वर्ष पुराने धरोहर किले के भीतर स्थित है। यहां लाइव सेट, साउंड इफेक्ट्स और कहानियों के साथ वैक्स प्रतिमाओं को प्रस्तुत किया गया है, जिसने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई है।

म्यूजियम का रॉयल फिगर्स सेक्शन और शीश महल इसकी प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। शीश महल में 25 लाख से अधिक कांच के टुकड़ों, ठिकरी कला और शुद्ध सोने का उपयोग किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए शीश महल की लाइटिंग ऑटोमेशन पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार की रोशनी के माध्यम से शीश महल को नए अंदाज में देखा जा सकेगा।

इसके अलावा वैक्स म्यूजियम के बाहरी क्षेत्र को भी रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स से सजाया जाएगा, ताकि रात के समय भी पर्यटक एक अनूठे और आकर्षक माहौल का अनुभव कर सकें। यही विशेषताएं जयपुर वैक्स म्यूजियम को जयपुर का एक अनिवार्य दर्शनीय स्थल बनाती हैं।

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