उन्होंने बताया कि इस अभियान की प्रेरणा म्यूजियम निर्माण के दौरान मिली। उस समय परिसर में मौजूद लगभग 200 वर्ष पुराने विशाल बरगद के वृक्ष की छांव में बैठकर करीब नौ माह तक म्यूजियम निर्माण की योजनाएं और कार्य संचालित किए गए। तभी यह विचार आया कि किसी व्यक्ति ने दो शताब्दी पहले जो पौधा लगाया होगा, उसका लाभ आज की पीढ़ी उठा रही है। इसी सोच ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की इस मुहिम को जन्म दिया।
इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर, राजमाता गायत्री देवी और महानायक अमिताभ बच्चन जैसी प्रेरणादायक हस्तियों के नाम पर पौधे लगाए गए। समय के साथ ये पौधे बड़े होकर वृक्ष बन गए और आज ‘बिग बी’ के नाम पर लगाया गया बरगद ‘अमित वृक्ष’ के रूप में म्यूजियम की पहचान बन चुका है।
अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष भी पांच नए पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उन्हें बचाना और बड़ा करना है। आज जिस तरह ग्लोबल वार्मिंग का असर दिखाई दे रहा है, उसे देखते हुए हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी समझनी होगी। पेड़ हमें निःशुल्क ऑक्सीजन, छांव और जीवन प्रदान करते हैं। ये प्रकृति और ईश्वर का अनमोल उपहार हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।”
विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘अमित वृक्ष’ की यह कहानी न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि यह भी बताती है कि एक छोटा सा पौधा भविष्य में हजारों लोगों के लिए जीवनदायी बन सकता है।

