जनसुविधाओं के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री





जयपुर, 19 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पानी, बिजली, चिकित्सा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की स्वीकृति से लेकर कार्यादेश जारी करने तक की प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की छठी समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से आमजन प्रभावित होते हैं, इसलिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रीगंगानगर में एक ही भूमि के दो पट्टे जारी करने तथा जनसुविधा हेतु आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक पट्टे जारी किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए यूआईटी सचिव सहित आधा दर्जन से अधिक कार्मिकों को निलंबित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सांगानेर सीईटीपी पंपिंग स्टेशन एवं पाइपलाइन परियोजना में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर कार्यों की समीक्षा कर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को बड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, निविदा और कार्यादेश संबंधी प्रक्रियाओं को स्ट्रीमलाइन करने को कहा।

बैठक में मानसून की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलक्टरों को नालों की सफाई, सड़क मरम्मत, जलभराव रोकने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने खाटूश्यामजी मंदिर क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इंटरप्रिटेशन सेंटर, कथा पंडाल, ओपन एयर थिएटर, लाइट एंड साउंड शो, पार्किंग, प्रतीक्षा हॉल और फूड कोर्ट सहित सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाटूश्यामजी क्षेत्र को भव्य और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में प्रदेशभर की डंपिंग साइटों पर पड़े पुराने कचरे के शीघ्र निस्तारण, जयपुर में कर्मयोगी भवन निर्माण, अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा, पीएम-जनमन योजना तथा मिशन हरियालो राजस्थान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जयपुर में 29 तथा भीलवाड़ा में 18 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध हो चुकी हैं। उन्होंने शेष बसों की आपूर्ति शीघ्र सुनिश्चित कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।


Previous Post Next Post