जवाहर कला केंद्र में सजा स्वदेशी शिल्प उत्सव, देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद आकर्षण का केंद्र

 



जयपुर, 12 जून। राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित जवाहर कला केंद्र में आयोजित स्वदेशी शिल्प उत्सव – आर्ट एंड क्राफ्ट एक्सपो इन दिनों कला, संस्कृति और हस्तशिल्प प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 22 जून तक चलने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार और कारीगर अपनी पारंपरिक कला एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को करीब से जानने और खरीदने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं।



मेला संयोजक विजेंद्र सिंह ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के कारीगरों और हस्तशिल्प कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जिससे वे अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें। उन्होंने बताया कि मेले में करीब 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां 6 से 7 राज्यों के कलाकार अपनी विशेष कलाकृतियों और उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं।






मेले में ओडिशा की पारंपरिक पेंटिंग, बनारसी सिल्क साड़ियां, मैसूर की सुगंधित अगरबत्तियां, जोधपुरी बंधेज, आकर्षक क्रॉकरी आइटम, बिहार की विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, भागलपुरी सिल्क साड़ियां, कोलकाता के लेदर पर्स और बैग सहित अनेक उत्पाद लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के परिधान, कुर्ता-पायजामा, हस्तनिर्मित सजावटी सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और कई तरह के पारंपरिक उत्पाद भी उपलब्ध हैं।






खान-पान के शौकीनों के लिए भी मेले में विशेष व्यवस्था की गई है। यहां विभिन्न राज्यों के नमकीन, अचार, मसाले, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में आने वाले आगंतुक खरीदारी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और शिल्पकला की विविधता का भी आनंद ले रहे हैं।






आयोजकों के अनुसार स्वदेशी शिल्प उत्सव केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय कला, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह मेला ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। इससे देशभर के शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के साथ-साथ बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो रहा है।










मेले में खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान बड़ी संख्या में परिवार यहां पहुंच रहे हैं। हस्तनिर्मित और पारंपरिक उत्पादों की व्यापक श्रृंखला के कारण यह आयोजन जयपुरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


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