CSR सहयोग से राजस्थान की आंगनबाड़ियां बनेंगी स्मार्ट प्ले स्कूल : दिया कुमारी


जयपुर, 20 जून। उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त राजस्थान की मजबूत नींव हैं। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के सहयोग से जर्जर एवं किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘स्मार्ट प्ले स्कूल’ के रूप में विकसित करना राज्य सरकार का लक्ष्य है।

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में आयोजित स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र अवसंरचना पहल हेतु CSR भागीदारी कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने के लिए गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए आंगनबाड़ियों का आधुनिकीकरण समय की मांग है।




उन्होंने कहा कि नवीन लाइट गेज स्टील फ्रेम (LGSF) और कंटेनर आधारित तकनीक के माध्यम से कुछ ही सप्ताह में आधुनिक आंगनबाड़ी भवन तैयार किए जा सकते हैं। इससे जर्जर भवनों में संचालित केंद्रों की स्थिति में तेजी से सुधार होगा और बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण वातावरण मिल सकेगा।

दिया कुमारी ने गुजरात में CSR फंड से विकसित आंगनबाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में भी इस मॉडल को अपनाया जाएगा। उन्होंने कॉर्पोरेट संस्थानों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण की इस मुहिम में सहभागी बनते हुए आंगनबाड़ियों को आधुनिक प्ले स्कूल में बदलने के लिए आगे आएं।



कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके समग्र विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कॉर्पोरेट संस्थानों से पोषण वाटिकाओं के निर्माण, बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, फर्नीचर, खिलौने और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि प्रदेश में संचालित 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 3,284 केंद्र जर्जर भवनों में तथा 11,488 केंद्र किराये या अस्थायी परिसरों में संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के लिए LGSF तकनीक से 15 से 21 दिनों में सौर ऊर्जा युक्त, भूकंपरोधी और आधुनिक सुविधाओं वाले स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जाएंगे।

कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग, आईसीडीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक्सिस बैंक, श्री सीमेंट, वेदांता, अडाणी समूह, टाटा स्टील, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, हिंदुस्तान जिंक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, डेल सहित कई प्रमुख कॉर्पोरेट संस्थानों के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, एनजीओ और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान CSR सहयोग, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श तथा अनुभव साझा किए गए।

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