IIIDEM के 15वें स्थापना दिवस पर क्षमता निर्माण और चुनावी प्रबंधन के भविष्य पर मंथन

 


नई दिल्ली/जयपुर, 19 जून। भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में “क्षमता निर्माण एवं रणनीतिक रोडमैप” विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। 16-17 जून को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्वाचन अधिकारियों, मास्टर प्रशिक्षकों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर चुनावी प्रशिक्षण और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 250 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक, शैक्षणिक साझेदार, निर्वाचन आयोग के अधिकारी, IIIDEM के प्रतिनिधि तथा दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछले 15 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा करना, नई चुनौतियों पर चर्चा करना तथा निर्वाचन क्षमता निर्माण की भावी दिशा तय करना रहा।




राजस्थान का भी सम्मेलन में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व रहा। राज्य प्रशिक्षण नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी (RAS), राष्ट्रीय स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक श्रीमती प्रतिभा पारीक (RAS), श्री जयप्रकाश नारायण (RAS), श्रीमती अंतुश्री पूनिया (RAcS), ओएसडी (प्रशिक्षण) डॉ. रेणु पूनिया तथा विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत भादु ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्लेनरी सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने IIIDEM को 15 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान संस्थान लगभग 1.8 करोड़ अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निभाता है, जिससे वे संविधान, निर्वाचन कानूनों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर सकें।

निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए IIIDEM वैश्विक स्तर पर निर्वाचन प्रबंधन प्रशिक्षण के अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।

IIIDEM के महानिदेशक राकेश वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभव और शोध का अनूठा संगम है, जहां चुनाव संचालन से जुड़े व्यावहारिक विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को ज्ञान साझा करने का मंच मिलता है।

सम्मेलन के दौरान चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर विशेष चर्चा की गई, जिनमें राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करना, वैश्विक सहभागिता का विस्तार, अनुसंधान एवं ज्ञान विकास को बढ़ावा देना तथा लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन की सतत व्यवस्था विकसित करना शामिल रहा।

पहले दिन राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति के मसौदे, राज्य एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण मानकों तथा निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े नए कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं दूसरे दिन राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों के लिए “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” सत्र आयोजित किए गए।

गौरतलब है कि वर्ष 2011 से अब तक IIIDEM द्वारा 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 1.20 लाख से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है। संस्थान की गतिविधियां वर्तमान में 142 देशों तक पहुंच चुकी हैं, जो भारतीय निर्वाचन प्रणाली की वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं।

सम्मेलन का समापन लोकतांत्रिक शासन, निर्वाचन प्रबंधन और क्षमता निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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