जयपुर रेंज में ‘ऑपरेशन साइबर वज्र प्रहार 2.0’ से साइबर अपराधियों पर करारा वार दो दिन में 64 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 20 एफआईआर दर्ज मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड, कार समेत लाखों का सामान जब्त

 



जयपुर, 15 दिसंबर।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जयपुर रेंज में साइबर अपराधियों के खिलाफ दो दिवसीय सघन अभियान ‘ऑपरेशन साइबर वज्र प्रहार 2.0’ चलाया गया। महानिरीक्षक पुलिस एच.जी.आर. सुहास के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में रेंज के सभी आठ जिलों में गठित विशेष पुलिस टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस मुख्यालय एवं रेंज साइबर अपराध शाखा से प्राप्त संदिग्ध डाटा के आधार पर साइबर अपराधियों की धरपकड़ कर उनके नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया गया।

आईजी सुहास ने बताया कि यह ऑपरेशन साइबर अपराधियों के संगठित गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता साबित हुआ है। अभियान के दौरान जयपुर रेंज के आठों जिलों में 64 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया तथा 20 एफआईआर दर्ज की गईं। इसके साथ ही 198 संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई।

भारी मात्रा में डिजिटल और आपराधिक सामग्री जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 मोबाइल फोन, 31 सिम कार्ड, 18 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 2 कारें, 1 वॉयस कन्वर्टर तथा ₹24,800 नकद राशि जब्त की है। प्रारंभिक जांच में इनका उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी में किया जाना सामने आया है।

8 जिलों में कार्रवाई का विवरण

  • जयपुर ग्रामीण: 17 गिरफ्तार, 3 मुकदमे दर्ज; 27 मोबाइल, 17 एटीएम कार्ड, 1 कार सहित सामान जब्त, 21 संदिग्धों से पूछताछ
  • अलवर: 7 मुकदमे, 18 गिरफ्तार; 1 कार, 13 मोबाइल, 10 सिम, नकद राशि जब्त, 52 से पूछताछ
  • खैरथल-तिजारा: 5 मुकदमे, 10 गिरफ्तार; 5 मोबाइल, 9 सिम जब्त, 41 संदिग्धों से पूछताछ
  • भिवाड़ी: 4 मुकदमे, 5 गिरफ्तार; 6 मोबाइल, 8 सिम जब्त, 19 से पूछताछ
  • झुंझुनूं: 2 मुकदमे, 7 गिरफ्तार; 28 संदिग्धों से पूछताछ
  • सीकर: 3 गिरफ्तार; 27 संदिग्धों से पूछताछ
  • दौसा: 1 मुकदमा, 2 गिरफ्तार; 2 मोबाइल, 4 सिम जब्त, 5 से पूछताछ
  • कोटपूतली-बहरोड़: 2 गिरफ्तार; 5 संदिग्धों से पूछताछ

साइबर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश

आईजी सुहास ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध कॉल या डिजिटल फ्रॉड की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।


Previous Post Next Post