जयपुर।
राजस्थान में रेल अवसंरचना को नई मजबूती देने की दिशा में भारतीय रेल ने एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के अंतर्गत आने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रेल खंडों में ₹850 करोड़ की लागत से व्यापक ट्रैक नवीनीकरण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना राज्य के पश्चिमी क्षेत्रों में रेल सुरक्षा, गति और परिचालन क्षमता को नई ऊँचाई देगी।
रेलवे प्रशासन के अनुसार इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राई का बाग–फलोदी–जैसलमेर और लालगढ़–कोलायत–फलोदी रेल खंडों में पुरानी हो चुकी पटरियों और स्लीपरों को आधुनिक तकनीक से बदला जाएगा। लंबे समय से उपयोग में रहे इन ट्रैकों के नवीनीकरण को सुरक्षा और दीर्घकालिक संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया था।
पहले चरण में राई का बाग–फलोदी–जैसलमेर रेल खंड, जिसकी कुल लंबाई 291.126 किलोमीटर है, का नवीनीकरण किया जाएगा। इस मार्ग पर वर्तमान रेल पटरियाँ वर्ष 2006 में बिछाई गई थीं, जिनका रोलिंग मार्क 2005 का है। तकनीकी मूल्यांकन और विस्तृत सर्वेक्षण के बाद इस खंड को नवीनीकरण के लिए चिन्हित किया गया।
वहीं दूसरे चरण में लालगढ़–कोलायत–फलोदी रेल खंड, जिसकी लंबाई 73.742 किलोमीटर है, को शामिल किया गया है। इस मार्ग पर 2006–07 के दौरान बिछाई गई पटरियाँ वर्तमान में उपयोग में हैं, जिनका रोलिंग मार्क 2004 से 2006 के बीच का है। ट्रैक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे भी प्राथमिकता सूची में रखा गया था।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा पहले ही इस परियोजना के लिए प्रति किलोमीटर ₹2.84 करोड़ की लागत को मंजूरी दी जा चुकी है। तय तकनीकी मानकों के अनुसार कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद इन मार्गों पर रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय होगा। साथ ही, जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर क्षेत्र में यात्री सुविधाओं, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
