फ्रेंच रॉक और राजस्थानी लोक संगीत का ऐतिहासिक संगम, जयपुर में सजी यादगार संगीतमय संध्या


जयपुर।

राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जयपुर ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को एक ऐसी संगीतमय शाम का साक्षी बना, जिसने संगीत प्रेमियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ दी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “राजस्थानी कॉन्सर्ट – फ्रेंच रॉक मीट्स डेज़र्ट फोक” कार्यक्रम में पश्चिमी रॉक संगीत और राजस्थान की सदियों पुरानी लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।





इस विशेष आयोजन में विश्वप्रसिद्ध फ्रेंच रॉक गिटारिस्ट एवं गायक यारोल पुपॉद ने भारत के सुप्रसिद्ध लोक कलाकार राहिस भारती और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजस्थान का नाम रोशन कर चुके ढोलाड जिप्सीज़ के साथ मंच साझा किया। जैसे ही इलेक्ट्रिक गिटार की तीव्र धुनें पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों से मिलीं, पूरा सभागार संगीत की ऊर्जा से भर उठा।





कार्यक्रम के दौरान फ्रेंच रॉक की आधुनिकता और राजस्थानी लोक संगीत की आत्मा ने मिलकर एक ऐसा संगीत रचा, जो न केवल कानों को सुकून देता रहा, बल्कि दिल को भी छू गया। भावपूर्ण लोक गायन, दमदार बीट्स, पारंपरिक ताल वाद्यों की गूंज और मंच पर सजी कालबेलिया नृत्य की मोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


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हर प्रस्तुति में कलाकारों की आपसी तालमेल और रचनात्मक प्रयोग साफ झलक रहा था। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ हर धुन का स्वागत किया। कई क्षणों पर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और संगीत की लय में झूमता नजर आया।




यह संगीतमय संध्या केवल एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों के बीच संवाद का जीवंत उदाहरण बनी। भाषा, देश और सीमाओं से परे संगीत की वह शक्ति सामने आई, जो लोगों को जोड़ती है और आपसी समझ को मजबूत बनाती है।





कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान की लोक कला वैश्विक मंच पर किसी भी आधुनिक संगीत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकती है।

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित यह आयोजन सांस्कृतिक समरसता, नवाचार और वैश्विक सौहार्द का प्रतीक बनकर लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।

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