जयपुर। सिग्नोरा क्रिएशन लिमिटेड कंपनी के मालिक वासुदेव अग्रवाल और उनके पुत्र मोहित अग्रवाल पर करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को अंजाम देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ितों का दावा है कि आरोपितों ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर कई फर्जी कंपनियां बनाईं और सुनियोजित तरीके से लोगों व वित्तीय संस्थानों को ठगने का नेटवर्क खड़ा किया।
पीड़ित सुरेश चौधरी के अनुसार, आरोपितों ने झूठी बिलिंग, आपसी लेन-देन और कागज़ी कारोबार दिखाकर कंपनी को मजबूत दर्शाने की कोशिश की। इसी आधार पर प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाकर बाजार से धन जुटाने की योजना बनाई गई। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि इससे पहले भी आरोपितों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामले चल चुके हैं।
शिकायत में बताया गया है कि आरोपितों के दामाद मोहित गर्ग और पुत्री नेहा गर्ग के नाम पर बिंदुजा एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए पंजीकृत करवाई गई। पूरे प्रकरण को वैध दिखाने के लिए सरकारी बैंकों, वित्तीय संस्थानों, विक्रेताओं, कर्मचारियों और मजदूरों को भी कथित रूप से माध्यम बनाया गया।
आरोप है कि जीएसटी विभाग, आयकर विभाग, सेबी, एमएसएमई विभाग तथा भारतीय स्टेट बैंक सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों में जाली दस्तावेज़ों के आधार पर पंजीकरण और बैंक खाते खुलवाए गए। इसके बाद 8–9 आपसी फर्मों के बीच फर्जी जीएसटी बिलिंग और दिखावटी लेन-देन कर सरकारी व निजी बैंकों तथा प्रधानमंत्री योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये का ऋण हासिल किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी राशि की मांग की तो उसे झूठे मुकदमों में फंसाने, गंभीर अपराधों में नाम जोड़ने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
सुरेश चौधरी ने बताया कि पिछले चार महीनों में वह मुख्यमंत्री आवास, पुलिस आयुक्त कार्यालय, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण), सहायक पुलिस आयुक्त, शिप्रापथ थाना, मानवाधिकार आयोग और श्रम विभाग सहित कई कार्यालयों में लिखित शिकायतें दे चुके हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय में धरना-प्रदर्शन भी किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस आयुक्त बीजू जोसेफ के निर्देश के बाद रविवार रात करीब 11 बजे एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टा एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित ने राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में आम जनता इस प्रकार की कथित ठगी से सुरक्षित रह सके।


