अंश कुमार की इंटरैक्टिव आर्ट इंस्टॉलेशन ‘ताक-झाँक 01’ ने साहित्य प्रेमियों का ध्यान खींचा 27 जनवरी से 3 फरवरी तक पूरा शहर बनेगा ओपन आर्ट गैलरी, सना रेज़वान की पहल

 


जयपुर, 17 जनवरी।

गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में इस बार शब्दों और किताबों के साथ-साथ कला भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आगामी जयपुर आर्ट वीक की ओर से फेस्टिवल परिसर में एक विशेष आर्ट इंस्टॉलेशन लगाया गया है, जिसने देश-विदेश से आए साहित्य प्रेमियों का ध्यान खींचा है।

प्रसिद्ध कलाकार अंश कुमार की इंटरैक्टिव आर्ट इंस्टॉलेशन ‘ताक-झाँक 01’ दर्शकों के साथ संवाद करती नज़र आई। 12 x 5.5 x 3 फीट आकार की इस कला स्थापना को स्टेनलेस स्टील, दर्पण, एल्यूमिनियम और रंग-बिरंगे काँच से तैयार किया गया है। कृति में लगे दर्पण के टुकड़े मिलकर कैलिडोस्कोप जैसे रंगीन और बदलते पैटर्न रचते हैं, जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं।


कृति की अवधारणा के बारे में कलाकार अंश कुमार ने बताया कि इस इंस्टॉलेशन के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि नई सोच को अपनाने के लिए पुराने ढर्रों से बाहर निकलना आवश्यक है। इस कृति को जीवंत बनाने के लिए किसी विशेष प्रयास की आवश्यकता नहीं होती—हल्की हवा, जिज्ञासा से किया गया स्पर्श या पवनचक्की पर की गई एक फूँक ही इसे गतिमान कर देती है। इसकी सरलता और खेल-भावना दर्शकों को कला से जोड़ने का कार्य करती है।



इस कला स्थापना को मनोज राम सागर और राहुल की टीम ने साकार किया है, जबकि इसका क्यूरेटोरियल लेख क्लॉडिया स्टोलेरू द्वारा लिखा गया है।

जयपुर आर्ट वीक की संस्थापक एवं चेयरपर्सन सना रेज़वान का उद्देश्य कला को गैलरियों और बंद स्थानों से निकालकर आमजन तक पहुँचाना है, साथ ही भारत और दुनिया भर के उभरते एवं स्थापित कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है। 27 जनवरी से 3 फरवरी तक जयपुर शहर एक ओपन आर्ट गैलरी के रूप में सजेगा, जहाँ विभिन्न स्थानों पर कला इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में प्रस्तुत इस आर्ट प्रीव्यू के माध्यम से लोगों में कला के प्रति रुचि जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है।

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