प्रथम बुक्स और जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल ने स्कूल आउटरीच प्रोग्राम के ज़रिए वंचित बच्चों तक कहानियाँ पहुँचाने के 16 साल पूरे किए*

 


जयपुर,जनवरी 2026: पिछले 16 वर्षों से, प्रथम बुक्स, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के साथ साझेदारी में स्कूल आउटरीच प्रोग्राम का संचालन कर रहा है। यह प्रोग्राम फ़ेस्टिवल की भावना को उसके मुख्य मंचों से आगे बढ़ाकर उन जगहों तक ले जाता है, जहाँ किताबों और पढ़ने के संसाधनों तक पहुँच अक्सर सीमित होती है। साहित्य को सुलभ, आनंददायक और सार्थक बनाने की साझा सोच पर आधारित यह प्रोग्राम स्कूलों, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), शेल्टर होम्स, जुवेनाइल जस्टिस होम्स, आफ्टर-स्कूल सेंटर्स और कम्युनिटी स्पेसेज़ में वंचित बच्चों तक कहानियों, लेखकों और रचनात्मक गतिविधियों को सीधे पहुँचाता है। 

इस वर्ष, आउटरीच प्रोग्राम के तहत 17–24 दिसंबर 2025 के बीच दिल्ली में 25 सेशंस आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 1,200 से अधिक बच्चों तक पहुँच बनाई गई। ये सेशंस शेल्टर होम्स, NGOs, सरकारी स्कूलों और कम्युनिटी सेंटर्स में आयोजित हुए, जिनमें आसरा चिल्ड्रेन होम, उड़ान–DMRC चिल्ड्रेन होम फ़ॉर गर्ल्स, चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया, प्रांगण सेंटर्स, नई दिशा एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी, MCD स्कूल, सर्वोदय बाल विद्यालय और जुवेनाइल जस्टिस होम शामिल हैं।


हर सेशन में इंटरएक्टिव स्टोरीटेलिंग, कठपुतली, संगीत, मूवमेंट और कला के ज़रिए बच्चों की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखा गया। यह आउटरीच कार्यक्रम आगे भी जारी रहा और जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के दौरान समानांतर रूप से आयोजित किया गया। 


अपने 16वें वर्ष में, आउटरीच प्रोग्राम दिल्ली और जयपुर के 75 केंद्रों के जरिए लगभग 6,000 बच्चों तक पहुँचा। बीते वर्षों में, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल और प्रथम बुक्स की साझेदारी के तहत 500 से अधिक संस्थानों में 1,000 से ज़्यादा आउटरीच सत्रों के माध्यम से 50,000 से अधिक बच्चों को जोड़ा गया, जिससे विविध समुदायों को किताबें और कहानियों की ओर प्रेरित किया गया।


प्रथम बुक्स के सी.ई.ओ. हिमांशु गिरी ने कहा: “सोलह वर्षों से, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के साथ हमारी साझेदारी इस विश्वास से प्रेरित रही है—कि हर बच्चे तक कहानियाँ पहुँचनी चाहिए, चाहे वह कहीं से भी आता हो। इस आउटरीच प्रोग्राम के ज़रिए हमने सरकारी और निजी स्कूलों, शेल्टर्स और कम्युनिटी स्पेसेज़ में काम किया है, ताकि पढ़ने का आनंद दूर-दूर तक पहुंचे और जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिले। हम मिलकर इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किताबें और कहानियाँ हर उस बच्चे तक पहुँचें, जिसे उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।”


ज़मीनी स्तर पर प्रभाव को साझा करते हुए, गार्गी मल्ल (आउटरीच एक्ज़ीक्यूशन एवं कोऑर्डिनेशन) ने कहा: “इन सेशंस ने दिखाया कि जब कहानियाँ बच्चों के अपने अनुभवों से जुड़ती हैं, तो वे ज़्यादा अर्थपूर्ण बन जाती हैं। बच्चों की उत्सुकता और कल्पनाशील प्रतिक्रियाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि स्टोरीटेलिंग किताबों के साथ गहरा जुड़ाव बना सकती है।”


जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी और स्टोरीटेलर्स व फ़ैसिलिटेटर्स के समर्पित नेटवर्क के माध्यम से, प्रथम बुक्स पढ़ने के ऐसे समावेशी रास्ते बना रहा है, जिससे कहानियों का जादू उन बच्चों तक पहुँचे, जिन्हें इसकी अधिक आवश्यकता है।

Previous Post Next Post