*वेदांता की प्रस्तुति जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल-2026* वेदांता ने साहित्य, विरासत और समुदाय का संगम के लिए एक मंच बनाया है।



अनिल अग्रवाल फ़ाउंडेशन (एएएफ) बागान, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 का एक ऐसा कोना है जो पूरी तरह से  संस्कृति और साहित्य को समर्पित है, जो वेदांता के इस विश्वास को दिखाता है कि संस्कृति और समुदाय सतत विकास के केंद्र में हैं। फ़ेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा होने के साथ-साथ एएएफ बागान कुछ चुनिंदा साहित्यिक सत्रों की मेजबानी भी करता है। इसके अलावा भारत की शिल्प परंपराओं से जुड़ी पूरे दिन चलने वाली कार्यशालाएँ और प्रस्तुतियाँ भी एएएफ बागान में आयोजित की जाती हैं।



लाख की चूड़ियाँ बनाने और ब्लॉक प्रिंटिंग से लेकर कठपुतली कला, लोक संगीत और नृत्य तक, यह स्थल कारीगरों, कलाकारों और दर्शकों से बातचीत का अवसर देता है, जिससे एक ऐसा वातावरण बनता है जहाँ विरासत को केवल देखा ही नहीं, बल्कि जिया जाता है। 


बागान संस्कृति, पहचान, सामाजिक परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चाओं का भी मंच है। साहित्य को व्यावहारिक सांस्कृतिक सहभागिता के साथ जोड़ते हुए, एएएफ बागान यह दर्शाता है कि उत्तरदायी सामाजिक निवेश किस प्रकार विरासत को संजोने, समुदायों को सशक्त बनाने और भारत की कलात्मक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रासंगिक बनाए रखने में सहायक हो सकता है।



वेदांता पवेलियन: धातुओं की कहानी की सरल, सुलभ और रोचक प्रस्तुति


जेएलएफ 2026 में वेदांता पवेलियन एक ज्ञान-आधारित सहभागिता स्थल है, जिसका उद्देश्य रोज़मर्रा के जीवन में धातुओं, खनिजों और ऊर्जा की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशनों, गेमिफ़ाइड लर्निंग फ़ॉर्मैट्स और ‘कौन बनेगा मेटल हेड?’ तथा ‘बस्ट द मिथ’ जैसी स्टोरीटेलिंग के माध्यम से, यह पवेलियन आगंतुकों को यह समझने के लिए आमंत्रित करता है कि प्राकृतिक संसाधन किस तरह चुपचाप आधुनिक बुनियादी ढाँचे, तकनीक, गतिशीलता और ऊर्जा संक्रमण को शक्ति प्रदान करते हैं।



इसका एक प्रमुख आकर्षण अत्याधुनिक वर्चुअल रियलिटी अनुभव है, जो दर्शकों को राजस्थान स्थित वेदांता की रामपुरा आगूचा खदान के भीतर ले जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक खदान में ले जाने वाली यह मंत्रमुग्ध कर देने वाली यात्रा धातुओं के जीवनचक्र को दर्शाती है और बड़े पैमाने पर खनन एवं धातु उत्पादन की एक दुर्लभ, आंतरिक झलक प्रदान करती है।


उद्योग को व्यापक सांस्कृतिक और बौद्धिक संदर्भ में स्थापित करते हुए, वेदांता पवेलियन धातुओं और खनन पर होने वाली बातचीत को नए सिरे से परिभाषित करता है और उन्हें प्रगति, विचारों और रोज़मर्रा के जीवन के हिस्से के रूप में प्रस्तुत करता है।



हिंदुस्तान जिंक एंड केयर्न ऑयल एंड गैस सोशल इम्पैक्ट स्टॉल: जमीनी उद्यम और समावेशी विकास का प्रदर्शन

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचज़ेडएल) और केयर्न ऑयल एंड गैस के स्टॉल, वेदांता की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं, जहाँ कंपनी-समर्थित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और सामुदायिक उद्यमियों को बाज़ार से जुड़ने का मंच प्रदान किया जाता है।


वेदांता के परिचालन क्षेत्रों से आए महिला-नेतृत्व वाले समूह और जमीनी स्तर के उत्पादक, हस्तनिर्मित और स्थानीय रूप से बनाए गए विविध उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करते हैं, जिससे उन्हें जेएलएफ जैसे मंच के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँच मिलती है। ये स्टॉल दर्शाते हैं कि आजीविका कार्यक्रम, कौशल विकास और उद्यम समर्थन किस प्रकार निश्चित आमदनी स्थाई सामुदायिक अवसर बन सकते हैं।



इन स्वयं सहायता समूहों को एक वैश्विक सांस्कृतिक मंच पर लाकर, एचज़ेडएल और केयर्न इस विचार को मजबूत करते हैं कि औद्योगिक विकास और सामाजिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं—जिससे सिर्फ़ बाज़ारों को ही नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों और समुदायों को भी लाभ प्रदान किया जाता है।

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