जयपुर, 11 जनवरी।
काइट फेस्टिवल–2026 इस वर्ष केवल रंग-बिरंगी पतंगों और पारंपरिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव, नारी सशक्तिकरण और आपसी भाईचारे का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। शिल्पी फाउंडेशन की ओर से ज्योति नगर में आयोजित इस भव्य काइट फेस्टिवल ने यह साबित कर दिया कि उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त मंच भी बन सकते हैं।
पिछले 11 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह काइट फेस्टिवल अब जयपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। हर वर्ष किसी न किसी सामाजिक विषय को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला यह आयोजन इस बार ‘विश्व शांति’ की थीम पर आधारित रहा, जिसने इसे विशेष और यादगार बना दिया।
पतंगों पर लिखे गए शांति और सद्भाव के संदेश
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि पतंगों को केवल उड़ाने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें संदेशवाहक के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी पतंगों पर विश्व शांति, अहिंसा, आपसी भाईचारा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता जैसे संदेश लिखे। जैसे ही ये पतंगें आसमान में लहराईं, पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और आशा के भाव से भर गया।
आकाश में उड़ती पतंगें मानो यह संदेश दे रही थीं कि सीमाओं से परे, जाति-धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता के लिए शांति और सद्भाव सबसे आवश्यक है।
काइट फेस्टिवल में बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी। बड़ी संख्या में महिलाओं ने पतंगबाजी में हिस्सा लेकर यह संदेश दिया कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में समान रूप से सक्षम हैं। गृहिणियों से लेकर कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और युवतियों तक, सभी ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आयोजन में भाग लिया।
महिलाओं ने न केवल पतंग उड़ाईं, बल्कि सामाजिक समरसता, नारी सम्मान और शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह आयोजन अपने आप में नारी सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बन गया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
काइट फेस्टिवल के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर
सुनयना बाड़ी, दीपा दत्ता, मंजू अग्रवाल, पायल शर्मा और शिवानी सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता का स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को शिल्पी फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई।
सामाजिक और बौद्धिक जगत की रही सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में अखिल शुक्ला, जितेंद्र श्रीमाली, डॉ. राजीव शर्मा, विजय गर्ग, सुधांशु माथुर, सुनीता अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने इस आयोजन को सामाजिक चेतना से जोड़ने की शिल्पी फाउंडेशन की पहल की सराहना की
काइट फेस्टिवल–2026 को और अधिक विशेष बनाते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों ने भी इसमें भाग लिया। शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़े इन प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को सामाजिक और बौद्धिक दृष्टि से और भी सशक्त बना दिया।पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों ने युवाओं से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और शांति व सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
शिल्पी फाउंडेशन की सामाजिक सोच
शिल्पी फाउंडेशन पिछले एक दशक से अधिक समय से समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले आयोजनों के लिए जाना जाता है। फाउंडेशन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आयोजन करना नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
काइट फेस्टिवल–2026 इसी सोच का परिणाम रहा, जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि आज के समय में जब दुनिया कई तरह के तनाव और संघर्षों से गुजर रही है, तब ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है, जो शांति, संवाद और एकता को बढ़ावा दें।
बच्चों और युवाओं में दिखा खास उत्साह
आयोजन में बच्चों और युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। बच्चों ने रंग-बिरंगी पतंगों के साथ अपने मासूम संदेशों के जरिए यह दिखाया कि आने वाली पीढ़ी शांति और सद्भाव को लेकर कितनी जागरूक है।
युवाओं ने भी आयोजन को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा कर संदेश को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
काइट फेस्टिवल–2026 ने यह भी साबित किया कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर सकती हैं। पतंगबाजी जैसे पारंपरिक खेल को आधुनिक सामाजिक संदेशों के साथ जोड़कर शिल्पी फाउंडेशन ने एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
विश्व शांति का सामूहिक संकल्प
आयोजन के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों और अतिथियों ने विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के लिए सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने यह संकल्प किया कि वे अपने-अपने स्तर पर समाज में सकारात्मकता, शांति और समरसता को बढ़ावा देंगे।
जयपुर की सांस्कृतिक पहचान को मिला नया आयाम
काइट फेस्टिवल–2026 ने जयपुर को केवल पर्यटन और विरासत के शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और शांति के संदेश देने वाले शहर के रूप में भी एक नई पहचान दी।
यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश फैलाने का माध्यम बनेगा, ऐसी उम्मीद सभी ने व्यक्त की।
कुल मिलाकर, शिल्पी फाउंडेशन द्वारा आयोजित काइट फेस्टिवल–2026 एक ऐसा आयोजन साबित हुआ, जिसने मनोरंजन, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को एक सूत्र में पिरो दिया। हजारों महिलाओं की सहभागिता, विश्व शांति की थीम और समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने इसे न केवल एक उत्सव, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।






















