जयपुर।
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देशों पर आरटीओ प्रथम ने बस बॉडी कोड का उल्लंघन कर संचालित हो रही बसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान तीन बसों को ज़ब्त (सीज़) किया गया है, जिनमें से दो बसें मध्यप्रदेश (MP) नंबर की बताई जा रही हैं।
जांच में सामने आया कि ये बसें बिना इमरजेंसी गेट, एक्स्ट्रा स्लीपर लगाकर, और कॉमर्शियल रूप से सामान परिवहन कर रही थीं। इसके साथ ही तीनों बसों में ओवरहैंग पाया गया, जो बस बॉडी कोड का गंभीर उल्लंघन है और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जाता है।
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि इन बसों की आरसी तब तक बहाल नहीं की जाएगी, जब तक बसों का ओवरहैंग पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता और उन्हें बस बॉडी कोड के अनुसार मूल प्रोटोटाइप में वापस नहीं लाया जाता।
परिवहन विभाग के अनुसार, इससे पहले भी 30 से अधिक ओवरहैंग बसों की आरसी अब तक बहाल नहीं हो सकी है। इनमें से अधिकांश बसें अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड और मध्यप्रदेश में पंजीकृत हैं।
बिना बस बॉडी कोड के संचालित ये बसें रोड सेफ्टी के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि
“जयपुर में सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनी ऐसी बसों के लिए कोई स्थान नहीं है। इस तरह की बसों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”





