महात्मा ज्योति राव फूले विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह संपन्न 2000 विद्यार्थियों को डिग्रियां, 57 को गोल्ड व 48 को सिल्वर मेडल

 





जयपुर, 21 दिसंबर।

आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने और हाथों में डिग्री की खुशी—ऐसा ही भावनात्मक और गौरवपूर्ण दृश्य रविवार को महात्मा ज्योति राव फूले विश्वविद्यालय (एमजेआरपी) के 10वें दीक्षांत समारोह में देखने को मिला। विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों के लिए यह अवसर जीवन भर यादगार रहने वाला क्षण बन गया।


यूनिवर्सिटी के नॉलेज कैंपस में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान के लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा, यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन श्री निर्मल पंवार एवं जिला न्यायाधीश श्री मनोज सोनी ने लगभग 2000 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इस अवसर पर 18 विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री, 57 को गोल्ड मेडल, 48 को सिल्वर मेडल एवं 9 विद्यार्थियों को चेयरपर्सन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा ने कहा कि डिग्री प्राप्त करना अंत नहीं, बल्कि जीवन की असली कसौटी की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों में अवसर देखने और स्वयं को कभी छोटा न आंकने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है और शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब उसका उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान में हो।

न्यायमूर्ति लोहरा ने पद्मश्री से सम्मानित तीन विभूतियों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि एमजेआरपी विश्वविद्यालय का अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने की सोच महात्मा ज्योतिबा फूले के सामाजिक समानता के आदर्शों की याद दिलाती है। उन्होंने विश्वविद्यालय को न केवल राजस्थान बल्कि देश के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक बताया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन श्री निर्मल पंवार ने डिग्री व मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश का सुनहरा भविष्य आज के शिक्षित युवाओं में निहित है। डिग्री के साथ पढ़ाई समाप्त नहीं होती, बल्कि यहीं से जीवन की वास्तविक परीक्षा शुरू होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग देश और समाज की उन्नति के लिए करें।


इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित तीन विशिष्ट हस्तियों—सेब की उन्नत खेती में अग्रणी किसान श्री हरमन शर्मा, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मांड एवं भजन गायिका बेगम बेतूल तथा प्रख्यात चित्रकार श्री वासुदेव तारानाथ कामत—को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई।

दीक्षांत समारोह के पश्चात फिल्म अभिनेता पुलकित सम्राट एवं वरुण शर्मा अचरोल कैंपस पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और अपनी आगामी फिल्म से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

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