जयपुर, 6 दिसम्बर 2025।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजयोग भवन, आम्रपाली मार्ग, वैशाली नगर में आज भवन के 28वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य आध्यात्मिक संगीत संध्या “रूहानी सुर संगम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जगत से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि का प्रेरक उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ओटा राम देवासी, माननीय मंत्री – पंचायती राज, राजस्थान सरकार, ने अपने उद्बोधन में कहा—
“बाबा की कृपा से यह दिव्य कार्य निरंतर प्रगति के मार्ग पर है। संस्था का मुख्यालय वास्तव में स्वर्गभूमि जैसा है, जहाँ सदैव ओम शांति की धुन गूँजती रहती है। सबसे बड़ी शिक्षा है नशामुक्त जीवन, जो यहाँ सहज ही प्राप्त होता है। मुझे गर्व है कि मुझे संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणी का सानिध्य मिला—वे तपस्या, त्याग और सेवा की मूर्ति थीं।”
विशिष्ठ अतिथि की अनुभूति
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि, उद्योगपति श्री मनोज मुरारका ने कहा—
“इस भवन में प्रवेश के साथ ही मन को एक अद्भुत शांति का अनुभव होता है। आज इस दिव्य प्रवाह के बीच बैठना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
राजयोग भवन की 28 वर्ष की सेवा यात्रा
राजयोग केंद्र प्रभारी राजयोगिनी चन्द्रकला दीदी ने बताया—
“राजयोग भवन ने आज सेवाओं के 28 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर आयोजित यह रूहानी संगीत संध्या समाज में शांति, प्रेम और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देने का प्रयास है।”
🎶 मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बाँधा समा
कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों के लिए आध्यात्मिक आनंद का अद्भुत अनुभव लेकर आईं—
संगीत प्रस्तुतियाँ
- प्रसिद्ध गायिका सोनू जोशी द्वारा भक्तिमय सुरों की अनुपम प्रस्तुति
- गायिका चंद्राणी मुखर्जी की मधुर और आत्मीय स्वर लहरियाँ
- गायक सुखीराम मंडा द्वारा आध्यात्मिक गीतों की विशेष प्रस्तुति
नृत्य प्रस्तुतियाँ
- दुर्गा परिहार, शालिनी सेन, और सुनीता शर्मा की रूहानी नृत्य शैली ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया
- नर्तक डॉ. स्वामी ध्यान शून्यम की विशिष्ट व अभिव्यक्तिपूर्ण नृत्य प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया
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दिव्य वातावरण में हुआ कार्यक्रम का संचालन
सारा कार्यक्रम सौम्य, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने संगीत, नृत्य और रूहानी ऊर्जा का अद्भुत संगम अनुभव किया।
अंतिम संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनों ने विश्व शांति, आत्म-उन्नति और नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।









