जयपुर
सांगानेर स्थित जीडी इंटरनेशनल स्कूल में विद्यालय का वार्षिक समारोह “धरोहर” अत्यंत भव्य, रंगारंग एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में विद्यालय के लगभग 600 छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और सभ्यता पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और भारतीय विरासत के महत्व को उजागर करना रहा।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, समूह गीत, नाट्य प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक झांकियों के माध्यम से भारत की बहुरंगी संस्कृति को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। राजस्थानी लोकनृत्य, देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां तथा सनातन परंपराओं पर आधारित कार्यक्रमों ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक गजानंद शर्मा ने कहा कि “धरोहर हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है। आज के आधुनिक और डिजिटल युग में युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है। ऐसे में ‘धरोहर’ जैसे कार्यक्रम बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सनातन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति न केवल प्राचीन है, बल्कि अपनी व्यापकता और मानव मूल्यों के कारण पूरी दुनिया में आदर्श मानी जाती है।
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। बोर्ड परीक्षाओं एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक तरीके से माल्यार्पण एवं साफा बंधवाकर स्वागत और सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े गणमान्य लोगों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि जीडी इंटरनेशनल स्कूल न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता पर ध्यान देता है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी समान रूप से महत्व देता है।
समारोह के अंत में निदेशक गजानंद शर्मा ने कहा कि विद्यालय द्वारा समय-समय पर सभी प्रमुख त्योहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




